रेल मंत्री ने खुद तोड़ा रेलवे का नियम, चलती ट्रेन से उतर गए सुरेश प्रभु

Jun 07, 2016

नयी दिल्ली (ब्यूरो)। आमतौर पर राजनीतिक बयानबाजी और चकाचौंध से दूर रहने वाले रेल मंत्री सुरेश प्रभु इस बार खुद विवादों में आ गए हैं। जी हां सुरेश प्रभु सोमवार को मेरठ आगमन के दौरान थोड़ी जल्दबाजी में नजर आए। वो यहां गाजियाबाद-मेरठ-सहारनपुर लाइन के विद्युतीकरण को आम लोगों को समर्पित करने पहुंचे थे। प्रभु ट्रेन में थे और उन्होंने दूर से ही स्वागत में खड़े कार्यकर्ताओं को देख लिया और उनसे बचने के लिए प्रभु चलती ट्रेन से ही उतर गए।
हालांकि ट्रेन की स्पीड बिल्कुल कम थी लेकिन ऐसा करके वह नियम तोड़ने की जद में भी आ गए। इसके बाद प्रभु सीधे मंच पर पहुंच गए और गाजियाबाद-मेरठ-सहारनपुर विद्युतीकरण ट्रैक लोगों को समर्पित किया। अपने संबोधन में पभु ने कहा कि यूपीए सरकार ने रेलवे के लिए जितना काम दस सालों में किया, उससे कहीं ज्यादा काम मोदी सरकार ने दो साल में कर दिया है। प्रभु ने कहा कि यूपी रेलवे की प्राथमिकताओं में है।

उन्होंने कहा कि रेलवे ने दो सालों में यूपी को 4500 करोड़ रुपए दिए हैं। अपनी उपलब्ध्िायों को बताते हुए प्रभु ने कहा कि दो साल में हमने 60 साल के बराबर काम करने का प्रयास किया। अपने संबोधन में प्रभु ने यूपीए सरकार पर भी हमला बोला और कहा कि पहले टेंडर होने में कई साल निकल जाते थे। लेकिन अब ये अधिकार उन्होंने जीएम और डीआरएम को दे दिया है। अब परियोजनाओं के टेंडर तेजी से जारी हो रहे हैं।

 

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