सुप्रीम कोर्ट ने लागू की नई योजना, अब गरीबों को बिना किसी परेशानी के मिलेगा पूरा न्याय

Feb 18, 2017
सुप्रीम कोर्ट ने लागू की नई योजना, अब गरीबों को बिना किसी परेशानी के मिलेगा पूरा न्याय
आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों के लिए कानूनी सहायता लेने में अब ख़ास दिक़्क़त नहीं होगी. क्योंकि सुप्रीम कोर्ट  ने मध्यम आय समूह के लिए जो योजना लागू की है, उसके तहत 60,000 रुपये प्रति महीने और 7,50,000 रुपये वार्षिक आय से कम आय वालों को कानूनी सहायता दी जाएगी। सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860(2) के अंतर्गत सोसायटी के प्रबंधन का दायित्व शासी निकाय (गवर्निग बॉडी) के सदस्यों को दिया गया है। शासी निकाय में भारत के प्रधान न्यायाधीश संरक्षक होंगे और अटॉर्नी जनरल पदेन उपाध्यक्ष होंगे। सॉलिसीटर जनरल ऑफ इंडिया मानद सदस्य होंगे और सर्वोच्च न्यायालय के अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता सदस्य होंगे।
कैसे मिलेगी क़ानूनी सहायता 
बताया गया है कि न्यायालय के समक्ष याचिका केवल एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड के जरिये दाखिल की जा सकती है। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, सेवा शुल्क के रूप में मध्य आय समूह कानूनी सहायता सोसाइटी (एससीएमआईजीएलएएस) को 500 रुपये का भुगतान करना होगा। आवेदक को सचिव द्वारा बताई गई फीस जमा करानी होगी। यह योजना में संलग्न अनुसूची के आधार पर होगी। एमआईजी कानूनी सहायता के अंतर्गत सचिव याचिका दर्ज करेंगे। यदि एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड इस बात से संतुष्ट होंगे कि यह याचिका आगे की सुनवाई के लिए उचित है, तो सोसाइटी आवेदक के कानूनी सहायता अधिकार पर विचार करेगी। जहां तक योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक की पात्रता का प्रश्न है, याचिका के बारे में एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड की राय अंतिम राय मानी जाएगी।
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