स्टिंग आपरेशन जानिए, किस तरह धर्म के नाम पर होने वाले दंगों की दी जाती सुपारी

Jun 28, 2016

यूपी में विधानसभा चुनाव आने वाले हैं। ऐसे में वहां होने वाली हिंसा को लेकर एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है। धर्म के नाम पर जिस तरह लोग हिंसक हो जाते हैं उसका राजनितिक फायदा किस तरह से यूपी के कुछ दल लेना चाहते है इसका खुलासा हुआ है।

यूपी में चुनाव से पहले दंगा करवाने तैयारी को लेकर एक निजी चैनल के स्टिंग आपरेशन ने यह बड़ा खुलासा किया है। स्टिंग बताता है कि किस तरह धर्म के नाम पर होने वाले दंगों की सुपारी दी जाती है। रिपोर्ट के अनुसार कई नेता राजनीतिक लाइन से हटकर पैसे के लिए धार्मिक हिंसा कराने के लिए तैयार हैं। स्टिंग में यूपी के नेताओं से कहा गया था कि एक डॉक्यूमेंट्री के लिए दंगें कराने होंगे जिसके लिए नेता मान गए।

दोहरे नैतिक सिद्धांत
दोहरे नैतिक सिद्धांतों वाले इन नेताओं ने उनके धार्मिक विश्वासों के मूल रूप पर सवाल उठाने वाली फिल्म का किसी ने विरोध नहीं जताया। बल्कि, उन सभी ने फिल्म में दिखाने और उसके प्रचार के लिए दंगे और विराेध प्रदर्शन आसानी से करवाने का आश्वासन दिया। धर्म सेना नाम के एक कट्टरपंथी हिंदू स्वाभिमान संगठन के लीडर परमिंदर आर्य ने कहा, आप जो भी कह देंगे, हम वही कर देंगे। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के साथ अपने संबंध का भी दावा किया है।

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आर्य का चेहरा कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश में हिंदू युवाओं को आईएसआईएस के हमले से बचने के लिए एंटी-जिहाद की ट्रेनिंग देने के लिए सामने आया था। उसके हिंदू गौरव को यह सुनकर जरा भी ठेस नहीं पहुंची कि नकली डॉक्यूमेंट्री भारत के भगवान राम की जन्मभूमि न होने पर बनाई जा रही है। उसने अपनी हामी फिल्म को यह कह कर दे दी कि वो फिल्म के प्रचार के लिए उसके रिलीज पर एक दंगे के आदेश दे देगा।

आर्य ने कहा वो लगभग 50 आदमियों को फिल्म की स्क्रिनिंग पर प्रदर्शन करने के लिए भेज देगा। जो वहां जाकर नारे लगाएंगे कि ‘जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं’, ‘राम का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ और फिर फिल्म के पोस्टर और बैनर फाड़ देंगे। उसने कहा कि उसे पहले ही बता दिया जाए कि किसके कपड़े फाड़ने है क्योंकि इन मामलों में उसके लड़के कई बार उत्तेजित हो जाते हैं और लोगों को चोटे आ जाती हैं।

इसके अलावा वो भी मीडिया में गुस्से में एक बयान जारी कर देगा। जिसके बाद फिल्म वालों को एक बयान देना होगा और फिर वो इंटरव्यू दे देगा। उसने दंगे करवाने वाले लोंगो को इकट्ठा करने के लिए 10 दिन का समय मांगा। उसने कहा वो अपने वादों का पक्का है लेकिन वो फिल्म बनाने वालों को नहीं जानता इसलिए उनके साथ चुपचाप एक कॉन्ट्रेक्ट साइन करेगा और वो रूपए में कोई मोल-भाव नहीं करता। जो कुछ भी है तय है। आगे की बात करने के लिए उसने कहा कि वो अगले एक या दो दिनों में कोडित शब्दों में फोन पर इस बारे में बात करेंगे।

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वहां के बाद स्टिंग मुजफ्फरनगर में किया गया। वहां दो बार भाजपा विधायक कपिल देव अग्रवाल से मिला गया। पहली बैठक में विधायक ने फिल्म के हिंदू विरोधी विषय के बारे में जानकर कोई विरोधी प्रतिक्रिया नहीं दी। इसकी बजाय, वह जानना चाहते थे कि इससे उन्हें क्या हासिल होगा। इसके बाद वे दोबारा मिलने का कह कर चले गए।

दूसरी मुलाकात में उन्होंने पूरी बात समझी और फिल्म के प्रचार के लिए अपनी ओर से विरोधी प्रतिक्रिया देने का वादा किया। जिसमें उन्होंने अपने कुछ लोगों से विरोध करवाने का और फिल्म बैन करने की बात उठाने का वादा किया। लेकिन उसके बदले में उन्होंने कहा कि फिल्म बनाने वालों कि रकम उन्हें आकर्षित करेगी वो तभी कुछ करेंगे।

सभी पक्ष शामिल

यह सिर्फ एक धर्म का ही नहीं था। इसी तरह से समाजवादी पार्टी के हरिद्वार इकाई के अध्यक्ष हाफिज मोहम्मद इरफान से मुलाकात की गई। जिन्हें फिल्म का मुद्दा मुस्लिम विरोधी बताया गया। इरफान भी इसी तरह विरोध करवाने के लिए तैयार हो गए।

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उन्होंने कहा ‘आप विरोध प्रदर्शन, नारे और क्या चाहते हैं?’ ‘सब की व्यवस्था की जाएगी।’ उन्होंने इसके बाद दंगे की कीमत 5 लाख रुपये बताई जिसमें वे 50 से 60 आदमियों का इंतजाम करेंगे और साथ में पूरी मीडिया प्रचार का वचन दिया। वहीं इरफान को दोबारा फोन करके दंगे करवाने में उनके हाथ होने के बारे में पूछा गया तो वे मुकर गए।

सपा नेता जूही सिंह ने इस सबको ‘विपक्षी दलों की एक साजिश’ कहा। हालांकि उन्होंने कहा कि पार्टी ‘स्टिंग की फुटेज की जांच कारवाई, यदि आवश्यकता हुई तो’। यही भाजपा की पार्टी प्रवक्ता अनिला सिंह ने कहा कि वे भी इस स्टिंग की जांच करवाएंगी। बसपा नेता सुधींद्र भदौरिया ने कहा, ‘स्टिंग दो पक्षों के सामने आ गया है।

कांग्रेस प्रवक्ता अजय कुमार ने कहा कि उनके एजेंडा हमेशा धार्मिक आधार पर लोगों का ध्रुवीकरण करने के लिए रहा हैं।इससे पता चलता है कि जो हम हमेशा से मानते थे कि सपा और भाजपा का काम करने का ढंग एक ही है।

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