ऐसे रहें पेट के संक्रमण से दूर

Mar 31, 2016

डॉक्टर मानते हैं कि ज्यादातर बीमारियों की शुरुआत पेट से होती है। पेट के संक्रमण के प्रमुख कारण अनियमित दिनचर्या और गलत खान-पान हैं। ऐसा देखा गया है कि लोग पेट साफ करने के लिए किसी न किसी दवा का प्रयोग स्वयं से करते रहते हैं, जबकि बिना डॉक्टर की सलाह के इसके प्रयोग से परहेज करना चाहिए। फिजिशियन डॉ. अभिषेक शुक्ला के अनुसार, इनका प्रयोग करते रहने से आपको धीरे-धीरे इनकी आदत पड़ जाती है और बाद में इन्हें लेने के बाद भी पेट की समस्याओं से मुक्ति नहीं मिलती। इन दवाओं का अधिक इस्तेमाल बाद में पाइल्स जैसी समस्या का कारण बन सकता है। बेहतर यही होगा कि पेट के इस संक्रमण को शुरू में ही सही इलाज से दूर कर लें, ताकि भविष्य में इस कारण होने वाली अन्य बड़ी समस्या की आशंका से भी बचे रह सकें।

क्या है पेट का संक्रमण
कभी ज्यादा खाने या असमय खाने से पेट में संक्रमण हो जाता है। कई बार खराब खाना खाने से भी यह संक्रमण हो सकता है। इसके अलावा बैक्टीरिया भी इसका कारण हो सकते हैं। एक तरह से यह पेट और आंतों में होने वाला संक्रमण है, जो उपरोक्त किसी भी कारण से हो सकता है। पेट से जुड़ी समस्याओं की शुरुआत यहीं से होती है।

फूड पॉयजनिंग
पेट संक्रमण का एक कारण फूड पॉयजनिंग भी है। फूड पॉयजनिंग में भोजन के जरिये विषैले तत्व आपके शरीर में प्रवेश करते हैं और आप बीमार हो जाते हैं। फिर भले ही इस बीमारी का कारक वायरस बनें या बैक्टीरिया। खुला खाना या देर तक रखा खाना आपके पेट को संक्रमित कर सकता है। अगर आपको किसी चीज को खाने से एलर्जी है तो वह भी आपके पेट में संक्रमण का बड़ा कारण बन सकता है।

लक्षण को पहचानें
पेट में गड़बड़ी हो तो आसानी से पता चल जाता है। इसमें न सिर्फ पेट मरोड़ के साथ दर्द करता है, बल्कि डायरिया, उल्टी और पेट दर्द जैसी समस्याएं नजर आने लगती हैं। अगर आपका खाया खाना लंबे समय तक पच नहीं रहा है, अगर पेट फूला सा महसूस हो रहा है या लगातार पेट दर्द के साथ उल्टियां हो रही हैं, तो ये सब पेट के संक्रमण के लक्षण हो सकते हैं।

कैसे बचें
इससे बचने के लिए बाहर का खाना न खाएं। अकसर ऐसे खाने को ढक कर भी नहीं रखा जाता। खराब खाना या काफी देर से रखा खाना तो बिल्कुल न खाएं। साफ पानी पिएं। किसी भी संक्रमित या गंदी चीज को छूने के बाद साबुन और पानी से हाथ धोएं। मैले कपड़े या घर की गंदगी साफ करते समय दस्ताने पहनें।

जब संक्रमण हो जाए…
– गुनगुना पानी पिएं तथा यथासंभव कम मसाले का खाना खाएं। पेट का दर्द असहनीय हो तो शीघ्र किसी अनुभवी डॉक्टर के परामर्श से अल्ट्रासाउंड कराएं।
– इसमें डायरिया और उल्टी की वजह से शरीर से पानी के साथ-साथ सोडियम, पोटेशियम और अन्य मिनरल भी कम हो जाते हैं। इसलिए पानी के साथ-साथ इलेक्ट्रल पाउडर लें। ऐसे में आपको नमक और चीनी का घोल भी पीना चाहिए। स्पोर्ट्स ड्रिंक पीने से बचना चाहिए, क्योंकि बीमारी की स्थिति में इनका इस्तेमाल ठीक नहीं होता।
– अधिक डकारें आना भोजन के पाचन में गड़बड़ी का कारण हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप न सिर्फ आयुर्वेदिक औषधि ले सकते हैं, बल्कि अजवाइन के इस्तेमाल से भी इस समस्या से निदान पा
सकते हैं।
– भोजन एवं दिनचर्या के नियमों का ठीक से पालन करें। समय पर खाना खाएं।
– ऐसे समय में रोज लौकी के रस का इस्तेमाल करें।
– व्रत एवं उपवास से बचें तथा कुछ-कुछ घंटे में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन करें।
– अधिक गर्म चाय, कॉफी एवं शराब जैसे उत्तेजक पदार्थ इस समस्या को बढ़ा देते हैं। इनके सेवन से बचें।
– भोजन में सलाद की मात्रा बढ़ाएं और ठंडा दूध, ककड़ी, खीरा, तरबूज आदि का सेवन करें।
– डायरिया के रोगी अपने शरीर से निकले जल की पूर्ति के लिए नमक, चीनी एवं पानी का घोल तत्काल पिएं।
– लिवर को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों जैसे शराब, दर्द निवारक दवाओं, बुखार की दवा आदि का इस्तेमाल   तत्काल बंद कर दें और अपने लिवर की जांच कराएं।
– एक-दो हरड़ रोज प्रात: गुनगुने पानी से चबाएं।

नियमित हो दिनचर्या

हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से रोगों से लड़ने की क्षमता होती है। आवश्यकता सिर्फ इस बात की है कि इस क्षमता को हम कैसे योग, आसन, प्राणायाम, प्राकृतिक, आयुर्वेदिक उपचार आदि द्वारा बरकरार रख पाते हैं। इसके लिए जरूरी है नियमित दिनचर्या। समय पर ताजा भोजन करना और नियमित व्यायाम से आप पेट के संक्रमण से बचे रह सकते हैं। आपका पेट ठीक रहेगा तो अनेक समस्याओं से आप दूर रहेंगे।

इन बातों पर भी दें ध्यान
अगर आप अकसर पेट के संक्रमण से परेशान रहते हैं तो यह लिवर खराब होने का संकेत है। इसे पहचान सकते हैं और इसका इलाज करा सकते हैं।
– यदि पेशाब या मल हर रोज गहरे रंग का आने लगे तो समङों कि लिवर में कुछ गडम्बडम्ी है।
– आपके मुंह से बदबू आए तो समझे कि लिवर में कुछ गड़बड़ी है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि मुंह में अमोनिया ज्यादा रिसता है।
– त्वचा का रंग उड़ जाए और उस पर सफेद रंग के धब्बे पड़ने लगे हैं तो इसे लिवर स्पॉट के नाम से जाना जाता है।
– लिवर खराब होने का एक और संकेत है। ऐसी स्थिति में त्वचा क्षतिग्रस्त होने लगती है और उस पर थकान दिखाई पड़ने लगती है।
– यदि आपके लिवर पर वसा जमा हुआ है और वह बड़ा हो गया है तो आपको पानी भी नहीं हजम होगा।
– लिवर अपनी सेहत बिगड़ने पर एक एंजाइम पैदा करता है, जिसका नाम है बाइल। यह स्वाद में बहुत खराब लगता है। यदि आपके मुंह में कड़वाहट लगे तो इसका मतलब है कि आपके मुंह में बाइल पहुंच रहा है, सावधान हो जाएं।
– जब लिवर बड़ा हो जाता है तो पेट में सूजन आ जाती है, जिसको हम अकसर मोटापा समझने की भूल कर बैठते हैं।

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