स्टॉल लगाकर इंतजार कर रहे थे हमलावर,क्षतिपूर्ण गाड़ी को 4 KM भगाकर बचाई जान

May 19, 2016

लुधियाना.पंजाब के लुधियाना की साउथ सिटी के सुखमणि एनक्लेव में संत बाबा रणजीत सिंह ढंडरियांवाले पर 50 से 60 राउंड फायर किए गए। हमलावरों की संख्या करीब 60 थी। ड्राइवर की बहादुरी की वजह से सिख संत बच गए, लेकिन उनके साथ एसयूवी में सवार एक दूसरे संत बाबा भूपिंदर सिंह की मौत हो गई। घटना के बाद लुधियाना में पुलिस ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। बता दें कि ड्राइवर ने फटे टायर पर 4 किमी तक गाड़ी भगाकर संत की जान बचाई। हमलावर शरबत पिलाने के बहाने स्टॉल लगाकर दोपहर से ही कर रहे थे इंतजार…
पूछा बाबा किस गाड़ी में बैठे हैं, जवाब मिलते ही फायरिंग
घटना मंगलवार शाम 8 बजे की है। बता दें कि संत बाबा रणजीत सिंह ढंडरियांवाले की हत्या करने के इरादे से हमलावार दोपहर 12 बजे से ही फल और शरबत पिलाने के बहाने स्टॉल लगाकर उनका इंतजार कर रहे थे। बाबा काफिले के साथ गांव एक दीवान में भाग लेने जा रहे थे। रात 8 बजे जैसे ही उनका काफिला यहां रुका, तो कुछ लोग बाबा की एसयूवी के पास आए और पूछा, “बाबा जी किस गाड़ी में बैठे हैं ?”
इसके बाद जवाब मिलते ही हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। करीब 50-60 राउंड फायर किए गए व कुछ लोगों ने हॉकी, रॉड और लाठियों से भी गाड़ियों पर अटैक कर दिया।
इस दौरान गोली लगने से एसयूवी की अगली सीट पर बैठे परमेश्वर द्वार गुरमत प्रचार सेेवा मिशन के प्रचारक संत बाबा भूपिंदर की मौत हो गई।
बाबा ढंडरियांवाले इसी एसयूवी में पिछली सीट पर बैठे होने की वजह से बच गए। हमला होते ही बाबा के ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए गाड़ी भगा ली।
पुलिस ने मौके से स्टॉल के लिए लगाए गए टेंट, बेस बॉल, शरबत पिलाने का सामान, कई जिंदा कारतूस व उनके खोल अपने कब्जे में लिए हैं।
घटना के बाद संत बाबा रणजीत सिंह ने एक वीडियो जारी कर अपने सपोर्टर्स से शांति बनाए रखने की अपील की है।
आंखों देखी : मौके पर मौजूद लोगों ने बताया, काफी दूर तक किया गाड़ियों का पीछा
काफिले में शामिल लोगों के मुताबिक, जैसे ही काफिला शरबत स्टॉल के पास पहुंचा तो कुछ लोग पहली कार के आगे हाथ जोड़ कर खड़े हो गए।
वे फ्रूट लेकर पहली कार के पास पहुंचे। फिर उन्होंने गाड़ी पर फायरिंग शुरू कर दी। बाबा भूपिंदर सिंह के सिर में दो गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
बाबा की कार के टायर को भी गोली से फाड़ दिया, लेकिन ड्राइवर ने सूझ-बूझ दिखाते हुए पंक्चर गाड़ी वहां से भगा दी।
हमलावराें ने भी बाइक से गाड़ी का कुछ दूर तक पीछा किया। करीब 4 किमी आगे तक निकलने पर उन्हें पीछे न आता देख गाड़ी रोकी गई और पुलिस को पूरे मामले की इन्फॉर्मेशन दी गई।
बाबा रणजीत सिंह को लुधियाना के डीएमसी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। वे ठीक हैं।
अभी तक चार लोग गिरफ्तार
पुलिस ने 21 लोगों पर केस दर्ज किया। 7 को हिरासत में लिया गया है, लेकिन गिरफ्तारी 4 की ही दिखाई।
पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख ने कहा है कि वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिए गए हैं।
हालांकि पुलिस कमिश्नर ने कहा कि वह फिलहाल इससे ज्यादा कुछ और खुलासे नहीं कर सकते हैं।
इसके अलावा पुलिस ने “इलाके से सीसीटीवी कैमरे की फुटेज इकट्‌ठी की है।
इनमें वो दुकान और टेंट हाउस शामिल हैं जहां से शूटर्स ने शरबत और छबील के लिए टेबल खरीदी थी।
सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम
गुस्साई संगत ने संत के अंतिम संस्कार से पहले उनका पार्थिव शरीर समराला चौक पर रखकर जाम लगाया।
जाम लगाकर बैठी संगत और बाबा रणजीत सिंह ढडरियांवाले ने कहा कि उन पर किया गया हमला डराने के लिए नहीं, बल्कि मारने के लिए था।
यह गहरी साजिश है जो लगातार सिख धर्म पर हमला करवा रही है। श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वाले आरोपियों के चेहरे आज तक सरकार सामने नहीं ला सकी है।
अगले 48 घंटे में षड्यंत्र रचने वाले नहीं गए तो सरकार शक के घेरे में आ जाएगी। फिर शुक्रवार को संगत अगली रणनीति तय करेगी।
कौन हैं संत बाबा रणजीत सिंह ढंडरियांवाले
संत बाबा रणजीत सिंह ढंडरियांवाले नीरवैर खालसा जत्था से जुड़े हुए हैं। उनकी उम्र 36 साल है।
वे अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए दूसरे पंथ के गुरु और पंजाब के कुछ सिंगर्स की आलोचना कर चुके हैं।
बता दें कि उन्होंने पिछले दिनों दमदमी टकसाल के चीफ हरनाम सिंह को सोशल मीडिया में सरकार का एजेंट करार दिया था।
वे कई बार डेरा सच्चा सौदा के गुरु राम-रहीम की भी आलोचना कर चुके हैं।
पिछले साल उन्होंने अकाल तख़्त के सामने अपने सपोर्टर्स के साथ आंदोलन किया था। ये मामला गुरु राम रहीम से जुड़ा हुआ था।

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