कुछ कश्मीरी फेंकते हैं पत्थर, बाकी इन्हें काटकर कर रहे विकास : मोदी

Apr 02, 2017
कुछ कश्मीरी फेंकते हैं पत्थर, बाकी इन्हें काटकर कर रहे विकास : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में कुछ लोग पत्थर फेंकने में व्यस्त हैं, जबकि इसी राज्य में अन्य लोग इन्हीं पत्थरों को काटकर कश्मीर का भाग्य बदल रहे हैं, राज्य में विकास का रास्ता बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने रविवार को जम्मू एवं कश्मीर में ऊधमपुर जिले के चेनानी इलाके से रामबन जिले के नाशरी नाला तक देश की सबसे लंबी सुरंग के उद्घाटन के मौके पर यह बात कही। उन्होंने राज्य के युवाओं को इस सुरंग के निर्माण पर बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने जनसभा में ‘मोदी-मोदी’ के नारों के बीच कहा, “एक तरफ ऐसे लोग हैं जो पत्थर फेंक रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जम्मू एवं कश्मीर में ऐसे युवा हैं जो इन्हीं पत्थरों को काटकर अपने राज्य के विकास का भविष्य गढ़ रहे हैं।”

मोदी ने कहा कि कश्मीर के युवाओं को पर्यटन और आतंकवाद में से एक रास्ता चुनना होगा। 40 साल तक खूनी खेल चला लेकिन हिंसा से किसी का भला नहीं हुआ। अब सुरंग के निर्माण और विकास से दिलों का नेटवर्क जुड़ेगा।

उन्होंने कहा, “मैं घाटी के युवाओं से कहना चाहता हूं; आपके सामने दो रास्ता है जो आपकी तकदीर तय कर सकता है। एक तरफ आपके पास टूरिज्म (पर्यटन) है और दूसरी तरफ है टेरररिज्म (आतंकवाद)।”

उन्होंने कहा, “40 साल से खूनी खेल किसी का भला नहीं कर पाया। केवल मांओं से उनके बेटे को छीना गया।”

मोदी ने सुरंग को जम्मू एवं कश्मीर के आधारभूत ढांचे के विकास में बहुत बड़ी छलांग बताते हुए कहा, “यह सुरंग कश्मीर के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगी। कश्मीर में ऐसी कई और सुरंगें बनाने की योजना है। इससे हिंदुस्तान से कश्मीर का जुड़ाव केवल रास्तों का ही नहीं होगा बल्कि दिलों का नेटवर्क भी जुड़ेगा।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “कश्मीरियत, इंसानियत, जम्हूरियत के मूलमंत्र के साथ कश्मीर को हम विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। अगर पर्यटन पर ध्यान दिया गया होता तो पूरी दुनिया कश्मीर आना चाहती। सुरंग के निर्माण से कश्मीर में पर्यटन बढ़ेगा।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सुरंग के लिए पैसा भारत सरकार की तरफ से आया लेकिन इसमें राज्य के युवाओं के पसीने की महक मिली हुई है।

उन्होंने कहा कि इस सुरंग को बनाने के दौरान हिमालय और पर्यावरण के संरक्षण का हर मुमकिन ध्यान रखा गया। यह ग्लोबल वार्मिग से जूझ रहे विश्व को भारत की तरफ से दिया गया संदेश है।

उन्होंने प्रदेश की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को केंद्रीय कोष का राज्य के विकास के लिए उपयोग करने पर बधाई दी। उन्होंने आगे मदद जारी रखने का आश्वासन दिया।

मोदी ने कहा, “पिछले साल केंद्र सरकार ने राज्य के लिए 80,000 करोड़ रुपये पैकेज का ऐलान किया था और मैं महबूबा और उनकी सरकार को इस बात के लिए बधाई दूंगा कि वह इस राशि में से आधे का प्रयोग कर चुकी है। इस तरह के पैकेज पर काम शुरू करने में वर्षो लग जाते हैं लेकिन महबूबा सरकार ने प्रशंसनीय कार्य किया है।”

उन्होंने राज्य की पर्यटन संभावनाओं के दोहन की अपील करते हुए घाटी के लोगों से कहा कि प्रदेश की तकदीर बदलने के लिए सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करें।

इस मौके पर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार ने जम्मू एवं श्रीनगर में रिंग रोड के निर्माण के लिए क्रमश: 2100 और 2200 करोड़ आवंटित किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के आधारभूत ढांचे के विकास पर 60,000 करोड़ खर्च करने की योजना बना रही है।

इस मौके पर जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बीते साल के मुश्किल हालात में अपनी सरकार का साथ देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया।

महबूबा बीते साल हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में भड़की व्यापक हिंसा की बात कर रही थीं। उन्होंने कहा कि मोदी ने यह सुनिश्चित किया था कि उनकी सरकार का अस्तित्व बना रहे।

उन्होंने कहा, “मेरी सरकार हालात को अकेले संभाल पाने में सक्षम नहीं हो पाती।” उन्होंने कहा कि मोदी ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के जरिए जम्मू एवं कश्मीर सरकार की मदद की थी। महबूबा ने कहा कि राजनाथ सिंह हर वक्त मदद के लिए उपलब्ध रहते थे।

चेनानी से नाशरी तक 1200 मीटर की ऊंचाई पर बनी यह सुरंग देश की सबसे लंबी सुरंग है। यह विश्वस्तरीय खूबियों के साथ स्मार्ट सुरंग है जिसमें हादसे से बचने के लिए कई तरह की प्रणालियां लगाई गई हैं जो एक ही साफ्टवेयर से संचालित होंगी। पांच साल में बनकर तैयार हुई इस सुरंग पर ढाई हजार करोड़ से अधिक रुपये खर्च हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के साथ खुली जीप में सुरंग का जायजा भी लिया।

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