सामाजिक मुद्दा: आखिर कब पीरियड्स को लेकर कब बदलेगी समाज की सोच, जानिए सच्चाई

Aug 25, 2017
सामाजिक मुद्दा: आखिर कब पीरियड्स को लेकर कब बदलेगी समाज की सोच, जानिए सच्चाई

महिलाओं को होने वाले पीरियड्स को लेकर हमारे समाज में कोई भी खुलकर बात नहीं करता है। अगर कोई लड़की इसपर खुलकर बात करती है तो उसे घृणा की नज़र से देखा जाता है। लेकिन ये सभी जानते हैं कि महिलाओं को पीरियड्स आना कोई नयी बात नहीं है सभी इस बात से अच्छी तरह परिचित हैं फिर भी लोग इसके बारे में बात करने से कतराते हैं। अगर किसी लड़की को पीरियड्स आते हैं तो वह आपको सिर्फ इतना ही बता पायेगी कि उसके पेट में दर्द है। क्योंकि अगर उसने यह कहा कि ‘ मुझे पीरियड्स हैं तो उसके लिए यह तहज़ीब के खिलाफ होगा।

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यह बड़ी अजीब विडंबना है कि कोई भी लड़की अपने भाई या पिता को पीरियड्स के कारण हो रही तकलीफ के बारे में पूरी जानकारी देने झिझकटी है। वह दर्द तो बर्दाश्त कर सकती है लेकिन अपने घरवालों को अपने पीरियड्स के बारे में बताने से संकोचक करती चाहे उसको इस चीज़ से कितनी भी तकलीफ क्यों न हो।

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