भूख से मरे श्रीकांत दीक्षित की मौत पर राजनीति

Jun 08, 2016

लखनऊ : भूख से मरे श्रीकांत दीक्षित के मामले में राज्य सरकार ने डीएम से रिपोर्ट तलब की है। बाराबंकी प्रशासन का दावा है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसके शरीर से 50 ग्राम खाना निकला था। लिहाजा, उसकी मौत भूख से नहीं हुई। बीएसपी, बीजेपी और कांग्रेस ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है कि हड्डियों का ढांचा बन चुके श्रीकांत की भूख से हुई मौत को पीएम रिपोर्ट के आधार पर झुठलाने की कोशिश की जा रही है।

हैदरगढ़ के पकरिया में रविवार को श्रीकांत (40) की मौत हो गई थी। भूख से मौत पर सरकार ने मांगी रिपोर्ट श्रीकांत व ऐसे ही अन्य गरीबों की भूख से मौत सिर्फ राज्य या केन्द्र सरकार के लिए नहीं, बल्कि समूचे सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है। शासन-प्रशासन पीएम रिपोर्ट में 50 ग्राम खाना निकलने की बात कहकर जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। केन्द्र व राज्य सरकारों के लिए यह सोचने का विषय है कि गरीबों के भोजन से जुड़ी योजनाओं का फायदा क्या वाकई सही लोगों तक पहुंच रहा है/

बाराबंकी का कोई ऐसा मामला संज्ञान में नहीं है कि किसी की भूख से मौत हुई है। डीएम से जानकारी मंगाई गई है।

अनिल कुमार, राहत आयुक्त
यूपी में भूख से मौत का कोई मामला अभी तक संज्ञान में नहीं आया है। पता लगवाकर रिपोर्ट मंगवाई जाएगी। मदद भी की जाएगी। – आलोक रंजन, मुख्य सचिव

ग्रामीणों का दावा था कि उसे कई दिन से खाना नहीं मिला। उसकी मां कल्याणी (70) के मुताबिक, कुछ दिनों तक उन्होंने आटा घोलकर पिलाया।

डीएम अजय यादव के मुताबिक, श्रीकांत गरीब जरूर था, लेकिन मौत भूख से नहीं हुई।

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