पाकिस्तानी दल के दौरे को लेकर शिवसेना ने भी सरकार पर निशाना साधा

Mar 30, 2016

पठानकोट में भारतीय वायुसेना के अड्डे को दौरा करने की पाकिस्तानी टीम को अनुमति देने के लिए कांग्रेस और आप के साथ भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने भी सरकार पर हमला किया है और इसे ”गलत” बताया.

आज के दौरे को लेकर हमलावर हुए कांग्रेस ने कहा कि मोदी सरकार ने ”गलत परम्परा” की शुरूआत की है और आश्चर्य जताया कि जेआईटी को बिरयानी क्यों खिलाई गई जिसमें आईएसआई का प्रतिनिधि भी शामिल है.

पाकिस्तान की पांच सदस्यीय संयुक्त जांच समिति (जेआईटी) के दौरे को लेकर जैसे ही राजनीतिक तूफान खड़ा हुआ वैसे ही भाजपा ने आलोचनाओं को दरकिनार करते हुए कहा कि दौरे से सरकार का रूख मजबूत होगा कि हमले के लिए पाकिस्तानी जमीन का इस्तेमाल किया गया. इसने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह ”राजनीतिक दुर्भावना” के तहत दौरे का विरोध कर रही है.

शिवसेना के नेता संजय राउत ने सरकार के फैसले को ”गलत” करार देते हुए कहा कि इसके बजाए आतंकवादी हमले की जांच के लिए भारत की टीम को पाकिस्तान भेजने की जरूरत थी. राउत ने केंद्र को याद दिलाया कि पठानकोट हमले में भारत नहीं बल्कि पाकिस्तान आरोपी है.

शिवसेना के सांसद ने मुंबई में पीटीआई से कहा, ”उस पर भी पाकिस्तानी टीम को हमने उच्च सुरक्षा मुहैया कराई है. वे किससे डरे हुए हैं? पूरा मामला हास्यास्पद है.” उन्होंने जानना चाहा कि क्या केंद्र पाकिस्तान से पड़ोसी देश में जांच के लिए भारतीय टीम भेजने की अनुमति हासिल कर लेगा.

उन्होंने कहा, ”हाफिज सईद और अजहर मसूद की हमारे देश में आतंकवादी हमले में भूमिका की जांच के लिए हमारी टीम भेजने की जरूरत थी. लेकिन क्या हमें अनुमति मिलेगी? हमें याद रखने की जरूरत है कि हम दोषी नहीं हैं बल्कि पाकिस्तान है.”

 

कांग्रेस ने सरकार पर देश की संप्रभुता से समझौता करने और ”गलत” परम्परा स्थापित करने का आरोप लगाया.

पार्टी प्रवक्ता पी एल पुनिया ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ”हर कोई जानता है कि भारत में आतंकवादी हमले के पीछे पाकिस्तान की आईएसआई का हाथ है जिसमें 26/11 का मुंबई आतंकवादी हमला भी शामिल है और अब भी हम जेआईटी को बिरयानी खिला रहे हैं जिसमें आईएसआई का प्रतिनिधि भी शामिल है.”

एक सवाल के जवाब में पुनिया ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने जेआईटी को भारत दौरा करने की अनुमति देकर ”गलत” परम्परा की शुरूआत की है.

भाजपा ने कहा कि सरकार के पास ”पर्याप्त साक्ष्य” है कि पाकिस्तानी जमीन का उपयोग हुआ और वहां के आतंकवादी हमले में मौजूद थे. पार्टी के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, ”उन्होंने (पाकिस्तान) कहा कि वे एक जांच दल भेजना चाहते हैं. इससे हमारा मामला मजबूत बनता है न कि कमजोर होता है.”

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आज कहा कि संयुक्त जांच दल के पठानकोट दौरे से भारत को लाभ होगा या नहीं यह तो समय ही बताएगा. बहरहाल उन्होंने कहा, ”जिस तरीके से पाकिस्तानी टीम पठानकोट हमले की जांच के लिए आई और उसे अनुमति दी गई उसी तरह से भारतीय टीम को भी मुंबई और इस तरह के अन्य मामलों की जांच के लिए पाकिस्तान जाने की अनुमति दी जानी चाहिए.”

वहीं उमर के पिता और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने सरकार का समर्थन करते हुए कहा कि उपमहाद्वीप में आतंकवाद को परास्त करने के लिए भारत और पाकिस्तान को हाथ मिलाना होगा और राज्य में शांति और समृद्धि लानी होगी.

काले झंडे लहराते हुए और हाथों में तख्तियां लिए हुए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के कई कार्यकर्ता वायुसेना अड्डे के बाहर खड़े रहे और दौरे का विरोध किया तथा पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए.

 

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