शर्मनाक: जब गैंगरेप पीड़िता से आने लगी बदबू तो डॉक्टर इलाज के बजाए बोले-‘इसे ले जाओ नहीं तो सड़क पर फेंक देंगे’

Jan 19, 2018
शर्मनाक: जब गैंगरेप पीड़िता से आने लगी बदबू तो डॉक्टर इलाज के बजाए बोले-‘इसे ले जाओ नहीं तो सड़क पर फेंक देंगे’

योगी राज में एक बार फिर से मानवता को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है। जहाँ के एक हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने अपनी मनमानी करते हुए जिंदगी और मौत से जूझ रही गैंगरेप पीड़िता का इलाज करना बंद कर दिया है और पीड़िता को हॉस्पिटल से ले जाने का दबाव बनाने लगे। इतना ही नहीं बल्कि डॉक्टरों ने यहां तक कह दिया कि पीड़िता को यहां से लेकर जाओ नहीं सड़क पर फेंक देंगे।

बता दें कि ये मामल उत्तर प्रदेश के जिला बरेली के हॉस्पिटल का है। जहां डॉक्टरों पर रेप पीड़िता के साथ बेहद बुरा बर्ताव करने का आरोप लगा है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक पूरा मामला ये है कि पीड़ित महिला की बहन के बयान के मुताबिक उसकी बहन को नौकरी दिलाने के नाम पर दो युवक मुरादाबाद से बरेली लाए और यहां बंधक बनाकर उसके साथ गैंगरेप किया। लेकिन जब महिला ने आरोपियों के चुंगल से भागने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उसकी लोहे की सरिया से जमकर पीटाई की। जिससे उसके दोनों पैरों में जख्म हो गए और फिर पूरे शरीर मे सैफ्टिक फैल गया। लेकिन जब आरोपियों ने पीड़ित महिला की ये बिगड़ती हालत देखी तो उसे जिला हॉस्पिटल छोड़कर वहां से फरार हो गए।

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यहाँ हॉस्पिटल में महिला करीब डेढ़ महीने से भर्ती है लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नही हो रहा है। बल्कि उसकी हालत दिन व दिन बिगड़ती ही जा रही है। इस बारे में पीड़िता की बहन का कहना है कि डॉक्टर उनकी बहन का इलाज नहीं कर रहे हैं और जबरन हॉस्पिटल से ले जाने का दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि इसे यहां से ले जाओ वरना सड़क पर फेंक देंगे। जिला हॉस्पिटल के डॉक्टर महिला की हालत ज्यादा खराब होने के चलते उसे हॉस्पिटल से लखनऊ ले जाने को कह रहे है। लेकिन गरीबी के चलते महिला के घर वाले उसे कही भी ले जाने की स्थिति में नही हैं। यही वजह है कि महिला अपनी बहन के इलाज के लिए पिछले दो दिनों से डॉक्टर से विनती कर रह है कि वो मरीज को देख ले, लेकिन वो इसे देखने नहीं गए। ठीक से इलाज न मिलने की वजह से रेप पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है। इतना ही नहीं बल्कि सुबह उसका ऑक्सीजन सिलेंडर बदलने के लिए स्टाफ भी नहीं आया मजबूरन तीमारदारों को खुद ही खाली सिलेंडर हटाना पड़ा जो अभी भी वैसा ही पड़ा हुआ है।

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इस मामले में जिला हॉस्पिटल के इएमओ डॉ शैलेश रंजन का कहना है कि उसको प्लास्टिक सर्जन की जरूरत है जो जिला हॉस्पिटल में नही है इसलिए इसे लखनऊ रेफर किया गया है। लेकिन ऐसा बताया जा रहा है कि जिंदगी और मौत से जूझ रही पीड़िता के पास बदबू आ रही है। यही वजह है कि उसके पास कोई खड़ा भी नही होना चाहता है। इसी लिए डॉक्टरों ने भी उसे हॉस्पिटल से भगाने के लिए तरह तरह के दबाव बनाने में लगे हुए हैं। लेकिन ऐसे में कुछ समाज सेवी पीड़िता के साथ खड़े हो गए हैं और अनशन करने की धमकी देने लगे हैं।

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