अपनी पत्नी गौरी को पाने के लिए अपना धर्म तक छोड़ दिया था शाहरुख ने, ऐसी है इन की लव स्‍टोरी

Oct 25, 2017
अपनी पत्नी गौरी को पाने के लिए अपना धर्म तक छोड़ दिया था शाहरुख ने, ऐसी है इन की लव स्‍टोरी

बॉलीवुड के किंग शाहरुख खान और गौरी खान की जोड़ी को सभी काफी पसंद करते हैं। इनके जैसी मैजिकल लव स्टोरी बॉलीवुड में कम ही देखने को मिलती है। इन दोनों की शादी को 26 साल पूरे हो चुके हैं। लेकिन इनकी शादी इतनी आसानी से हुई नहीं थी। आज हम आपको को इनकी लव स्‍टोरी की कुछ ख़ास बातें बताने जा रहे हैं। जिसे बहुत कम ही लोग जानते होंगे।

ऐसा बताया जाता है कि किंग खान और गौरी की लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। एक दूसरे को पाने के लिए इन दोनों को खूब पापड़ बेले पड़े थे। आखिरकार इनके प्यार की जीत हुई। बता दें कि इन दोनों की पहली मुलाकात 1984 में एक कॉमन फ्रेंड की पार्टी के दौरान हुई थी। उस वक्त शाहरुख खान की उम्र सिर्फ 18 साल की थी। शाहरुख ने एक पार्टी में देखा कि गौरी किसी और लड़के के साथ डांस कर रही हैं। और देखते ही शाहरुख को का दिल उनपर आ गया।

उस समय गौरी डांस करने में काफी शर्मा रही थीं। उसी दौरान शाहरुख ने हिम्मत जुटा कर उनके पास आये और उनको डांस के लिए पूछा। लेकिन गौरी शारुख की इन बातों पर कोई खास इंट्रेस्ट नहीं दिखाया बल्कि सिर्फ इतना कहा कि वो अपने ब्वॉयफ्रैंड का इंतजार कर रही हैं। इतना सुन्ना था कि शाहरुख के सारे सपने चकनाचूर हो गए। लेकिन उसके पीछे की सच्चाई ये थी कि गौरी का कोई ब्वॉयफ्रैंड था ही नहीं।

उस समय गौरी का भाई उनके साथ था इसलिए उन्होंने झूठ बोला था। ये बातें शाहरुख ने अपने एक इंटरव्यू में बताई थी। कि जब शाहरुख को ये बात पता चली तो उन्होंने गौरी से जाकर कहा कि ‘मुझे भी अपना भाई समझो।’ वहीँ से इस खूबसूरत रिश्ते की शुरआत हुई। लेकिन दूसरी तरफ गौरी को भी शाहरुख का स्टाइल और उनका कॉन्फिडेंस बहुत अच्छा लगा था। शाहरुख गौरी के लिए काफी पजेसिव रहते थे।

शारुख को ये बिलकुल भी पसंद नहीं था कि गौरी अपने बालों को खुला रखें या फिर किसी लड़के से अकेले में बात करें। जिसके बाद ये सब देखकर गौरी को ऐसा लगने लगा कि उनको इस रिलेशन से ब्रेक लेना चाहिए। लेकिन खबरों की मानें तो एक दिन जब गौरी शाहरुख के घर पर अपना जन्मदिन मना रही थीं। जिसके बाद वो उनको बिना बताए हुए अपने दोस्तों के साथ आउट ऑफ स्टेशन चली गईं। जिसके बाद शाहरुख को ऐसा एहसास होने लगा कि वो गौरी के बिना नहीं रह सकते। तो उन्होंने ये बात अपनी माँ से बताया क्योंकि वो अपनी मां के बहुत करीब थे।

जब उन्होंने अपनी माँ से ये बात बताई तो शाहरुख की मां ने उन्हें 10 हजार रुपए दिए और कहा कि उसे ढूंढ कर लाओ। जिसके बाद शाहरुख अपने कुछ दोस्तों के साथ गौरी को पूरे शहर में ढूंढने के लिए निकल पड़े। लेकिन गौरी शारुख के हाथ नहीं आईं। काफी देर तक ढूंढने के बाद शाहरुख को गौरी एक बीच पर मिल गईं।

अब किया था पहले तो इन दोनों ने एक-दूसरों की आंखों में खो गए और उसके बाद गले लगकर खूब रोए। वहीँ पर इन दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया। लेकिन असली ड्रामा तो उसके बाद शुरू हुआ। क्योंकि इन दोनों की शादी के बीच सबसे बड़ा विलेन बना उनका धर्म। शाहरुख खान एक मुस्लिम और गौरी हिंदू ब्राह्मण परिवार से थीं, और गौरी के पिता प्योर वेजिटेरियन थे। इसी लिए गौरी के पैरेंट्स इस शादी के लिए कभी भी तैयार नहीं होते। उस समय शाहरुख फिल्मों के‌ लिए स्ट्रगल कर रहे थे। जिसकी वजह से गौरी के पैरेंट्स कभी भी राजी ना होते।

लेकिन इन दोनों का प्यार भी कोई खेल नहीं था इन्होंने एक-दूसरे का साथ पाने के लिए स्ट्रगल करने लगे। जिसका अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं कि शाहरुख ने गौरी के पैरेंट्स को इंप्रेस करने के लिए पांच साल तक हिंदू होने का नाटक किया था। यहाँ तक कि उन्होंने अपना नाम भी बदल लिया था। आखिरकार शाहरुख खान गौरी के पैरेंट्स को इंप्रेस करने में कामयाब हो गए और फिर 25 अक्टूबर 1991 में दोनों ने शादी रचाई।

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