अमेरिका के आगे डटकर खड़े रहने की कत्तर को मिली सज़ा, सऊदी अरब सहित 4 अरब देशों ने तोड़े सभी रिश्ते

Jun 05, 2017
अमेरिका के आगे डटकर खड़े रहने की कत्तर को मिली सज़ा, सऊदी अरब सहित 4 अरब देशों ने तोड़े सभी रिश्ते

सऊदी अरब, यमन, बहरीन, मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने सोमवार को कतर के साथ राजनयिक संबंध तोड़ दिए। इन देशों ने कतर पर मुस्लिम ब्रदरहुड नाम के संगठन को बढ़ावा देने के साथ आतंकवादी समूहों को सहयोग देने और उनके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए संबंध तोड़े हैं।

सऊदी प्रेस एजेंसी (एसपीए) का कहना है कि ‘सऊदी अरब आतंकवाद और चरमपंथ के खतरों से देश को बचाने के लिए कतर से राजनयिक संबध तोड़ रहा है।’

मिस्र के विदेश मंत्रालय का कहना है कि ‘कतर की नीति से अरब जगत की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है और यह अरब समाज में तनाव और विभेद के बीज बोने का काम कर रही है।’

इन पांचों देशों ने कतर से अपने राजनयिकों को वापस बुलाने के साथ अगले 24 घंटों के भीतर कतर से भूमि, जल और वायु संपर्क भी बंद करने का ऐलान किया है।

ये भी पढ़ें :-  चीन युद्ध के लिए तैयार है और वह भारत से युद्ध करने से नहीं डरता: चेतावनी

एसपीए ने सऊदी अरब के अधिकारियों के हवाले से बताया कि कतर की सेनाओं को यमन में चल रहे युद्ध से भी हटाया जाएगा क्योंकि कतर की गतिविधियों से अलकायदा और इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकवादी संगठनों और विद्रोही मिलिशिया को मजबूती मिल रही है।

बहरीन ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि कतर उसके आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है और उसके खिलाफ नकारात्मक प्रचार में शामिल है। यह आतंकवादी गतिविधियों और सशस्त्र बलों को सहयोग देने और ईरान समर्थित समूहों का वित्तपोषण करने के लिए भी जिम्मेदार है, जो देश में हिंसा और विध्वंस के लिए जिम्मेदार हैं।

ये भी पढ़ें :-  इजरायल बनाएगा सीरिया की सीमा से सटी गोलन की पहाड़ियों में अस्पताल

बहरीन ने कतर के राजनयिकों से 48 घंटों के भीतर देश छोड़कर जाने को कहा है।

समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम के मुताबिक, यूएई ने भी कतर पर आतंकवाद का वित्तपोषण करने, आतंकवाद और चरमपंथ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

यमन की सरकारी समाचार एजेंसी सबा के मुताबिक, यमन सरकार ने भी ऐलान किया कि वह कतर के साथ सभी संबंधों को समाप्त कर रही है। यमन ने कतर पर उसके ईरान समर्थित हौती दुश्मनों के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया।

कतर के विदेश मंत्रालय ने अरब देशों द्वारा उठाए गए इन कदमों पर खेद जताते हुए इसे अनुचित करार दिया है।

अलजजीरा चैनल ने कतर के विदेश मंत्रालय के बयान के हवाले से बताया, “ये कदम अनुचित हैं और उन आरोपों पर आधारित हैं, जिनका कोई आधार नहीं है। इन फैसलों से देश के नागरिकों के सामान्य जनजीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।”

ये भी पढ़ें :-  न्यूजीलैंड में भीषण बाढ़ के कारण आपातकाल घोषित

अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने खाड़ी देशों से एकजुट रहने का आग्रह किया।

अलजजीरा ने टिलरसन के हवाले से बताया, “हम सभी पक्षों से एकजुट होकर बैठ कर चर्चा करने और मतभेदों को दूर करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।”

यूएई की प्रमुख विमानन कंपनी एतिहाद एयरवेज का कहना है कि वह मंगलवार सुबह से कतर आने-जाने वाली उड़ानों को रद्द कर देगी।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इससे अन्य देशों के विमानों के संचालन पर किस तरह प्रभाव पड़ेगा।

लाइक करें:-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>