सचिन ने बिजनेस पार्टनर के लिए रक्षा मंत्री से मांगी मदद,लेकिन मिली नहीं

Jul 19, 2016
नई दिल्ली.सचिन तेंडुलकर ने अपने बिजनेस पार्टनर के एक प्रॉपर्टी विवाद को लेकर डिफेंस मिनिस्टर मनोहर पर्रिकर से मदद मांगी। मिनिस्टर ने इस मसले को लेकर सचिन के साथ मीटिंग की। उनकी बात को ध्यान से सुना, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। बता दें कि यह प्रॉपर्टी मसूरी में है, जहां वे अक्सर छुट्टियां मनाने जाते हैं। प्रॉपर्टी विवाद डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) के साथ चल रहा है। मसूरी में कहां है ये प्रॉपर्टी…
मसूरी के लंढोर कैंट एरिया की इस प्रॉपर्टी का नाम ‘डहेलिया बैंक’ है। दरअसल यह एक लग्जरी बंगला है। यह डीआरडीओ के इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट के करीब है।
बता दें कि पिछले तीन साल से सचिन अपनी फैमिली के साथ इसी घर में न्यू ईयर मनाते आ रहे हैं।
आरोप है कि सचिन के बिजनेस पार्टनर संजय ने ‘नो-कन्स्ट्रक्शन जोन’ रूल को तोड़कर इस घर को बनाया था।
इस रूल के मुताबिक, ‘नो-कन्स्ट्रक्शन जोन’ से करीब 50 मीटर तक कोई भी किसी भी तरह का कन्स्ट्रक्शन नहीं कर सकता है।
क्या कहना है डीआरडीओ का?
डीआरडीओ के तहत आने वाले इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट का कहना है कि नारंग ने यहां टेनिस कोर्ट बनाने की मंजूरी ली थी। लेकिन उन्होंने बिल्डिंग्स खड़ी कर दीं।
संजय के एक रिप्रेजेंटेटिव का कहना है कि यह ‘नो-कन्स्ट्रक्शन जोन’ के बाहर का एरिया है। इस मामले में डीआरडीओ का स्टैंड सही नहीं है।
बता दें कि नारंग की इस एरिया में कई प्रॉपर्टीज हैं। कुछ समय से यह स्पॉट टूरिस्ट की पहली पसंद बना हुआ है।
डिफेंस मिनिस्ट्री का क्या रुख है?
मिनिस्ट्री के एक अफसर ने बताया- “सचिन के लिए यह मामला इतना गंभीर था कि उन्होंने इसके लिए पिछले साल ऑस्ट्रेलिया की ट्रिप छोटी कर दी, ताकि पर्रिकर से मुलाकात कर सकें।”
“डिफेंस मिनिस्ट्री इस सेंसिटिव लैब के कैम्पस के पास कथित अवैध निर्माण के मामले में दखल नहीं देना चाहती है।”
“मिनिस्टर पर्रिकर ने सचिन से मीटिंग की और उनकी बात को ध्यान से सुना भी। लेकिन इस मैटर को आगे फॉरवर्ड नहीं किया।”

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