रजाकारों ने भी इस नारे का विरोध किया था: नायडू

Mar 18, 2016

भारत माता की जय का नारा नहीं लगाने की एमआईएमआईएम नेताओं की टिप्पणियों को लेकर केन्द्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने आज कहा कि हैदराबाद के भारत में विलय का विरोध करने वाले रजाकारों ने भी इस नारे का विरोध किया था.

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा, ‘‘मुझे समझ नहीं आता कि लोगों को भारत माता की जय कहने पर आपत्ति क्यों है. इसमें कोई धार्मिक अर्थ नहीं है. यह किसी धर्म से संबंधित नहीं है. मुझे समझ में नहीं आता कि इसमें गलत क्या है.’’

उन्होंने हैदराबाद में एक कार्यक्रम से इतर कहा, ‘‘कासिम रिजवी (हैदराबाद में निजाम शासन को बरकरार रखने के लिए लड़ने वाले भारत विरोधी रजाकारों के प्रमुख जो बाद में पाकिस्तान चले गये) को भी नारा लगाने से आपत्ति थी.’’

उन्होंने कहा कि इस नारे में व्यक्ति अपनी मातृभूमि की जय करता है और इसका किसी धर्म से लेना-देना नहीं है. नायडू ने कहा, ‘‘जो व्यक्ति अपनी मां, मातृभाषा एवं मातृ भूमि को भूल जाता है, वह मानव नहीं है.’’

एआईएमआईएम प्रमुख असादुदीन ओवैसी और महाराष्ट्र में पार्टी विधायक वारिस पठान को आडे हाथ लेते हुए भाजपा नेता ने कहा कि प्रत्येक को इसकी भर्त्सना करनी चाहिए. समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा. उल्लेखनीय है कि इन दोनों नेताओं ने भारत माता की जय कहने से इंकार कर दिया था.

 

 

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