दंगे पर , बोली गुजरात सीएम होते रहते है ऐसे दंगे

Apr 18, 2016

आंदोलन,धरना और प्रदर्शन तो लोकतंत्र की खूबसूरती है। किसी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना ! अपने हक के रूठ जाना ! यहीं होता आया है आजाद भारत के लोकतांत्रिक खूबसूरती में। सरकारों के खिलाफ बडे-बड़े से आंदोलन हुए,प्रदर्शन हुए। पुरानी सरकार गई नई सरकार आई। इसी तरह का माहौल जेपी आंदोलन से लेकर अऩ्ना आंदोलन तक दिखाई दिया। लेकिन आंदोलन का रूप हिंसक हो जाना,उग्र हो जाना यह लोकतंत्र औऱ आंदोलन दोनों के लिए हानिकारक है। क्योंकि हिंसक आंदोलनों में आम-जनमानस को काफी तकलीफ उठानी पड़ती है। नागरिक अधिकार सहित तमाम संवैधानिक अधिकारों का हनन होने लगता है। पर हाल फिलहाल में दो प्रदेशों के आंदोलन और वहाँ की सरकार सिस्टम ने जिस तरह से आंदोलनों में भूमिका निभाई है उससे कहीं न कहीं इन तमाम अधिकारों पर सोचने को मजबूर हुआ जा सकता है।

आज गुजरात में पाटीदार समूह का आंदोलन काफी तेज हो गया है। हिंसा और आगजनी तमाम जगह की जा रही है। कई जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है। इंटरनेट व्यवस्था बंद कर दी गई है। कल गुजरात बंद का एलान कर दिया गया है। फिर भी गुजरात की मुख्यमंत्री कह रही है,” होते रहते है ऐसे आंदोलन”।

अभी कुछ दिन पहले भी हरियाणा राज्य में कुछ इस तरह का नजारा देखने को मिला था। यहाँ जाट समुदाय ने आरक्षण की मांग करते-करते सरकारी औऱ गैर सरकारी लगभग 40 हजार करो़ड़ का नुकसान कर दिया था। काफी दिन पूरे हरियाणा सहित आस-पास के प्रदेशों का जनजीवन,पर्यटन से लेकर तमाम सुविधाओँ का तहस-नहस कर दिया था। फिर भी सरकार और प्रशासन टस से मस नहीं हुआ। जितनी तन्मयता औऱ शांति आज गुजरात की सीएम आनंदी बेन पटेल में दिखाई दे रही है। उतनी ही खामोशी हरियाणा की खट्टर सरकार सहित केंद्र की मोदी सरकार में थी। सवाल उठे कि इतना खतरनाक मंजर घट गया फिर भी केंद्र सरकार की खुफिया एंजेसियों सहित राज्य की व्यवस्था को खबर नहीं थी। धीरे-धीरे जले हरियाणा से यह सवाल गायब होकर गुजरात पहुंच गए हैं।

अब तो यह देखकर कहना पड़ेगा कि शहरों के जलते मंजर पर कितने कूल रहते है बीजेपी नेता !

अन्य ख़बरों से लगातार अपडेट रहने के लिए हमारे Facebook पेज को Join करे

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

Jan 19, 2018

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>