रंजिश और राजनीति से प्रेरित है बीजेपी नेता बृजपाल पर हमला

Aug 13, 2016

गाजियाबाद। गुरूवार की शाम मुरादनगर के रावली रोड पर स्कोर्पियो सवार भाजपा नेता बृजपाल तेवतिया पर किया गया कातिलाना हमला रंजिश और राजनीति से प्रेरित है। हमले में बृजपाल तेवतिया, इंद्रपाल, विपिन, अशोक, रामपाल, मुकम मलिक सहित छह लोग घायल हो गए। बृजपाल और उसके गनर का नोएडा के फोर्टिस में इलाज चल रहा है। उनकी कार पर फाच्र्यूनर कार सवार बदमाशों ने एके-47 जैसे स्वाचालित आधुनिक हथियारों से सैकडों राउंड गोली चलाई थीं। इसके बाद बदमाश अपनी कार और एक आटो में सवार होकर फरार हो गए थे। पुलिस ने फर्जी नंबर प्लेट लगी दो कारें और हथियारों को बरामद कर लिया है। पुरानी रंजिश और राजनीति के चलते ही पुलिस-प्रशासन ने उन्हें आधा दर्जन गनर दे रखे थे।

सिपाही की हत्या में जेल काट चुके हैं बृजपाल तेवतिया
अपने गांव महरौली में ही बृजपाल की लोगों से रंजिश चली आ रही है। गांव के ही पूर्व पुलिस कांस्टेबल सुरेश दीवान की हत्या का आरोप भी बृजपाल पर लगा था। हत्या के आरोप में बृजपाल जेल भी गए थे। उसी दौरान बृजपाल तेवतिया की गैंगेस्टर राकेश हसनपुरयिा से रंजिश शुरू हो गई थी। जिसके बाद साल 2003 में गैंगेस्टर राकेश हसनपुरिया का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया था। जिसमें राकेश के परिजनों ने बृजपाल पर पुलिस के लिए मुखबिरी करने का आरोप लगाया था। राकेश की पत्नी सुनीता भी बृजपाल से रंजिश रखने लगी थी। सुनीता यूपी पुलिस में बतौर कांस्टेबल आजकल बागपत में तैनात है। कातिलाना हमला कराने के शक में पुलिस ने सुनीता को अरेस्ट कर लिया गया, जबकि किरठल गैंग का सदस्य मनोज अभी हाथ नहीं आया है।

बृजपाल तेवतिया के भाई को भी मिले गनर
बृजपाल तेवतिया पर कातिलाना हमले के बाद उनके परिजनों को भी जान खतरा सताने लगा है। जिसके बाद पुलिस-प्रशासन ने बृजपाल के भाई विकास को भी दो गनर मुहैया करा दिए हैं। उधर बृजपाल की सुरक्षा में अस्पताल के ईद-गिर्द बडी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं। विकास तेवतिया ने बताया कि कातिलाना हमले को लेकर पुलिस जो रंजिश की कहानी बता रही है, उससे इन्कार नहीं किया जा सकता है।

अस्पताल में लगा भाजपाइयों का जमावडा
बृजपाल और उनके गनर का नोएडा स्थित फोर्टिस अस्पताल में इलाज चल रहा है। जहां पर उनकी स्थिति जानने के लिए गुरूवार की रात से ही भाजपा नेताओं का जमावडा लगने लगा। जिनमें केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा, जनरल वीके सिंह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह, केशव प्रसाद मौर्य के अलावा आसपास के सैकडों भाजपाई शामिल रहे। इनके अलावा एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत चैधरी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और घटना का जायजा लिया। पूरी रात भाजपाई और पुलिस अफसरों ने अस्पताल के बाहर डेरा डाले रखा।

भाजपा के टिकट पर चुनाव हारे थे बृजपाल
बृजपाल राजनाथ सिंह के करीबी हैं। बृजपाल ने साल 2012 में भाजपा के टिकट पर मुरादनगर विधान सभा से चुनाव लडा था, लेकिन इन्हें बसपा के वहाब चैधरी ने हरा दिया था। यहां पर वहाब चैधरी ने जीत हासिल की थी। हारने के बावजूद बृजपाल इस बार भी भाजपा के टिकट पर यूपी विधान सभा का चुनाव लडना चाहते हैं। कई लोग इस कातिलाना हमले को चुनावी रंजिश भी मानकर चल रहे हैं। इस हमले ने गाजियाबाद की राजनीति को गर्म कर दिया है।

बसपा की ओर झुक सकते हैं यूपी के जाट
साल 2012 में भाजपा के टिकट पर चुनाव हारने के बाद इस बार भाजपा में कई अन्य नेताओं ने टिकट पाने की जुगत लगानी शुरू कर दी थी। उधर सपा सरकार में जाट नेता बृजपाल तेवतिया पर जानलेवा को लेकर जाट समुदाय और नेताओं में रोष है। हमले की कडी निंदा करते हुए बसपा सुप्रिमो मायावती ने सीएम अखिलेश यादव से इस्तीफे की मांग की है। एक बार फिर मायावती ने सबसे पहले सपा सरकार पर प्रहार करके प्रदेशवासियों को अपने पक्ष में करने का मौका पा लिया है।

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