शोध -हर साल 1 करोड़ टन मछलियां होतीं बर्बाद..

Jun 27, 2017
शोध -हर साल 1 करोड़ टन मछलियां होतीं बर्बाद..

वाणिज्यिक मछली पकड़ने के बेड़े के मछुआरे हर साल करीब 1 करोड़ टन पकड़ी गई मछलियों को वापस समुद्र में छोड़ देते हैं। एक नए शोध में यह पता चला है। यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया के इंस्टीट्यूट ऑफ ओशियंस और यूनिवर्सिटी ऑफ पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की ‘सी अराउंड अस (हमारे आसपास के समुद्र)’ के तहत शोधकर्ताओं ने अपनी शोध रिपोर्ट में कहा कि पिछले एक दशक में दुनियाभर में पकड़ी गई कुल मछलियों का करीब 10 फीसदी हिस्सा मछली पकड़ने के खराब तरीके तथा अपर्याप्त प्रबंधन के कारण फेंक दिया गया।

ये फेंकी गईं मछलियां हर साल करीब ओलंपिक आकार के 4,500 स्वीमिंग पूल को भर सकती हैं।

शोध रिपोर्ट के प्रमुख लेखक और यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के प्रोफेसर तथा सी अराउंड अस के शोध भागीदार डिर्क जेलर ने बताया, “वर्तमान युग में खाद्य असुरक्षा तथा मानव पोषण संबंधी स्वास्थ्य चिंताओं में बढ़ोतरी को देखते हुए ये वापस फेंकी गई मछलियां काफी महत्वपूर्ण हैं। इन फेंकी गईं मछलियों का कहीं अधिक बेहतर इस्तेमाल हो सकता है।”

शोध दल ने समय-सयम पर फेंकी गई मछलियों का अध्ययन किया है। 1950 के दशक में हर साल करीब 50 लाख टन मछलियों को वापस समुद्र में फेंका जाता था, जबकि 80 के दशक में यह आंकड़ा बढ़कर 1.8 करोड़ टन सालाना हो गया।

हालांकि वर्तमान में इसमें गिरावट आई है और यह सालाना करीब 1 करोड़ टन है। यह शोध फिश एंड फिशरीज जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

पकड़ने के बाद आमतौर पर मछलियों को इसलिए वापस फेंक दिया जाता है कि उनका आकार व्यावसायिक दृष्टि से लाभप्रद नहीं होता या फिर वे जितनी मछली बेच सकते हैं उससे ज्यादा मछली पकड़ लेते हैं। यहां तक कि अगर मछली पकड़ने वाले बड़े आकार की मछलियां पकड़ लेते हैं तो पहले से पकड़ी गई छोटी आकार की मछलियों को वापस समुद्र में फेंक देते हैं।

इसका कारण यह है कि उनके पास वोट पर फ्रीजर में इतनी जगह नहीं होती कि दोनों मछलियों को रख सकें। इसके अलावा बड़ी मछलियां अधिक महंगी बिकती हैं, इसलिए भी वे बड़ी मछलियां रखते हैं।

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