नौसेना ने पुराने हैरियर्स विमान हटाकर, मिग 29 के लड़ाकू विमानों को दी जगह

May 12, 2016

भारतीय नौसेना ने अपने पुराने हो चुके सी हैरियर्स विमानों को शामिल किए जाने के 33 साल बाद बुधवार को सेवा से हटा दिया.

सी हैरियर्स की जगह मिग-29 के. लड़ाकू विमानों को बेड़े में स्थान दिया गया है. सी हैरियर्स कभी नौसेना की हवाई युद्धक क्षमता का मुख्य सहारा थे. लेकिन इसी के साथ आधुनिक तकनीक से लैस ‘मिग-29के’ सुपरसोनिक फाइटर जेट नौसैनिक बेड़े में शामिल हो गया.

सी हैरियर्स को हटाने के लिए गोवा में आयोजित एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बातचीत में नौसेना प्रमुख एडमिरल आर के धवन ने कहा, ”बहुभूमिका वाले सुपरसोनिक मिग-29.के को 300 स्क्वाड्रन में शामिल करते हुए बहुत गर्व महसूस हो रहा है. भारतीय नौसेना में यह बहुभूमिका वाली प्रौद्योगिकी लेकर आया है.”

नौसेना के पास शुरूआत में 28 सी हैरियर्स थे. उसने शेष 11 को आज विदाई दे दी. बल ने आज तक 31 मिग 29 के विमान स्वीकार किए हैं. उसने 45 विमानों के लिए अनुबंध किया है.

उन्होंने कहा, ”जैसा कि आपको मालूम हो विमान (मिग 29 के) को पहले ही विमान वाहक जहाज विक्रमादित्य पर समन्वित किया गया है और अब वह भारतीय नौसेना में बेड़े के लिए लड़ाकू विमान और हवाई रक्षा की भूमिका निभाएगा.”

उन्होंने कहा कि नौसेना उड्डयन अतिरिक्त हेलिकॉप्टरों और विमान को बल में शामिल करके कायाकल्प की दहलीज पर है.

धवन ने कहा, ”भारतीय नौसेना बहुआयामी नेटवर्क बल के तौर पर उभरी है, जो 21वीं सदी में हिंदमहासागर क्षेत्र में समुद्री दायरे में किसी भी चुनौती का सामना करने को तैयार है.”

एक सवाल का जवाब देते हुए धवन ने कहा कि आने वाले वर्षों में चरणबद्ध तरीके से आईएनएस विराट को बाहर किया जाएगा. उन्होंने कहा, ”हम रक्षा मंत्रालय के साथ विवरणों पर काम कर रहे हैं और इसे आने वाले वर्षों में चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा.”

उन्होंने कहा, ”हमारा नया विमान वाहक आईएनएस विक्रांत है जिसका निर्माण कोच्चि शिपयार्ड में किया जा रहा है और इसकी डिलेविरी 2018 के अंत में होनी है.”

संवाददाताओं से बातचीत के दौरान एडमिरल धवन ने विवादास्पद अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाले से संबंधित सवालों को टाल दिया.

आज हुए इस कार्यक्रम के दौरान अपनी अंतिम प्रस्तुति में सी हैरियर्स ने आईएनएस हंसा में लैंड करने का एक फॉर्मेशन बनाया.

उन्होंने सी हैरियर्स उड़ाने वाले सभी पायलटों को बधाई और शुभकामनाएं दीं. समझा जाता है कि सी हैरियर्स को उड़ाना अन्य विमानों की तुलना में बहुत मुश्किल है.

भारतीय नौसेना में पुराने हो चुके तत्कालीन सी हॉक्स विमानों को चरणबद्ध तरीके से हटाए जाने के बाद सी हैरियर्स को शामिल किया गया था.

अन्य ख़बरों से लगातार अपडेट रहने के लिए हमारे Facebook पेज को Join करे
 

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>