चाहे कुछ भी हो, वह नेकलेस मिलना ही चाहिए। नहीं तो तुम सब की खाल खिंचवा दूंगा

May 24, 2016

लखनऊ : एक बित्ता की ककड़ी, और नौ बित्ता का बीज। यह लोकोक्ति मध्य यूपी और पूर्वांचल में खूब प्रचलित है। लेकिन हाल ही मुख्य़ सचिव के घर हुए एक हंगामे के बाद यह कहावत जमीन पर साकार हो गयी। और इसी तरह रातोंरात तीस लाख रूपयों के तथाकथित नेकलेस-सेट की कीमत डेढ़ करोड़ तक उचक गयी। इस बोली लगाने वालों ने यह तक नहीं सोचा कि इतनी बोली का भुगतान कैसे कोई करेगा।

जी हां, यह मामला है यूपी के मुख्य सचिव आलोक रंजन के घर का। पिछले 27 फरवरी-2016 को आलोक रंजन के छोटे बेटे की शादी का रिसेप्शन था। यह समारोह गोमती नगर बनारसी दास स्टेडियम के लॉन में हुआ जिसमें करीब सात हजार से ज्यादा लोगों का जमावड़ा हुआ। आमंत्रित लोगों में अधिकांश तो अफसर थे, बाकी उद्योग व व्यवसाय क्षेत्र से जुड़े दिग्गज लोग थे। चंद राजनीति के चेहरे भी थे। इस समारोह में बेहिसाब तोहफों की जमकर बारिश हुई। समारोह खत्म होने के बाद सारे तोहफों को बड़े बडे बक्सों में सील करके पुलिस कस्टडी में आलोक रंजन के घर भिजवाया गया। लेकिन अगर ही दिन आलोक रंजन के घर हंगामा खड़ा हो गया। हल्ला मचा कि समारोह के दिन तोहफे में मिला एक बेशकीमती नेकलेस लापता है। शुरूआत में चर्चाएं चलीं कि यह नेकलेस तीस लाख रूपयों का है जो किसी एक बड़े दिग्गज उद्योगपति ने आलोक रंजन को दिया था। इस हंगामे के बाद से ही आलोक रंजन और उनकी पत्नी आदि ने घर में तैनात दो सरकारी कर्मचारियों की जमकर पिटाई की। उनका आरोप था कि यह चोरी उन्होंने ही की है। दो दिन यानी 2 फरवरी को पुलिस बुलाकर इन दोनों को पुलिस हिरासत में पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया।

लेकिन अगले 24 घंटों के भीतर ही पुलिस के अफसरों ने अपने बड़े अफसरों से साफ कह दिया कि यह मामला संदिग्ध है। पुलिसवालों का कहना था कि यह दोनों ही कर्मचारी सरल हैं और वैसे भी पुलिस की पूछतांछ को एकाध घंटे से अधिक झेल पाना मुमकिन नहीं हो पाता है। इस तर्क के आधार पर उन पुलिस वालों के मुताबिक यह चोरी का नहीं, बल्कि मुख्य सचिव के घर की ही कोई नौटंकी है, जिसमें परिवार के ही किसी सदस्य ने कोई गड़बड़ की है। इसलिए बड़े अफसरों से गुजारिश की गयी कि इस चोरी का खुलासा करने के लिए आलोक रंजन, उनकी पत्नी सुरभि रंजन, उनके दोनों बेटे, दोनों बहू और विवाह में शामिल होने के लिए आये गये मेहमानों से पूछताछ करने की इजाजत दी जाए। लेकिन आलोक रंजन ने इस तरह की पूछताछ की सलाह देने वालों को बुरी तरह झिड़क कर अपने बंगले से भगा दिया।

उधर उस बिना चोरी हुए उस नेकलेस को लेकर नीलामी जैसा माहौल बनने लगा। एक उच्च स्तरीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरूआत में तो लखनऊ के एक बड़े पुलिस अफसर से आलोक रंजन ने साफ डांटते हुए चेतावनी दे दी कि चाहे कुछ भी हो, वह नेकलेस मिलना ही चाहिए। लेकिन विकल्प के तौर पर उन्हें सलाह दी कि अगर यह पता कि उनके नौकरों ने वह नेकलेस कहीं बेच दिया है, ऐसी हालत में फिर अब उसकी बिक्री में मिली सारी रकम बरामद करायी जाए।

सूत्रों के अनुसार इस पर जब पुलिस अधिकारियों ने यह कहा कि:- सर, चोरी हुई ही नहीं थी।

तो मुख्य सचिव बुरी तरह भड़क गये। बोले: तुम लोग चोरों की तरफकदारी कर रहे हो, तुम सब की खाल खिंचवा दूंगा।

उधर विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि जब पुलिस हिरासत में सड़ रहे एक पीडि़त नौकर की पत्नी आलोक रंजन की पत्नी् सुरभि रंजन से अपने पति को छुड़ाने की गुहार लगाने के लिए आलोक रंजन के घर पहुंची और उनके दोनों पैर पकड़ कर रोते-रोते हुए अपनी अरदास दी। तो बताते हैं कि आलोक रंजन तो मौके से उठ कर चले गये, लेकिन सुरभि रंजन ने बेहद रूखाई के साथ उस महिला को झिड़क कर जवाब दिया कि:- मेरा हार डेढ़ करोड़ रूपयों का था। लाओ, पूरा डेढ़ करोड़ रूपया लेकर आओ, और अपने पति को छ़ुड़ा ले जाए। वरना तुम्हारे पति की लाश भी तुम्हें मयस्सर नहीं होगी। सड़ते ही रहोगे पुलिस थानों पर।

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