राज्यसभा में गुरुवार को पारित हुआ रियल एस्टेट बिल, नहीं चलेगी बिल्डरों की मनमानी

Mar 10, 2016

राज्यसभा में गुरुवार को रियल एस्टेट बिल 2016 पारित हो गया. बिल पारित हो जाने से उन लोगों को राहत मिलेंगी जो बिल्डरों की मनमानी से परेशान हैं.

केंद्रीय आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री वैंकेया नायडू ने यह बिल पेश किया जिसके बाद इसे पास कर दिया गया. इस बिल के पास होने के बाद अब बिल्‍डरों की मनमानी पर रोक लगने के साथ ही रियल एस्टेट सौदों की धोखाधड़ी पर लगाम लगने की उम्मीद है. इस बिल से रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ेगी. प्रोजेक्ट लॉन्च होते ही बिल्डर्स को प्रोजेक्ट से संबंधित पूरी जानकारी अपनी वेबसाइट पर देनी होगी.

रियल एस्टेट बिल बिल्डरों की मनमानी पर रोक लगाएगी. अब बिल्डरों को वादे के मुताबिक तय सीमा में फ्लैट देना होगा.

चार महीने पहले मोदी कैबिनेट ने इस बिल पर मुहर लगाई थी. कांग्रेस भी इस बिल को पारित कराने के पक्ष में थी. कुछ दिन पहले राहुल गांधी घर खरीदने वाले लोगों से मुलाकात कर कहा था कि उनके हितों की रक्षा के लिए एक कड़े रियल स्टेट विधेयक के लिए प्रतिबद्ध है और सरकार से जल्द से जल्द इसे संसद में लाने को कहेगी.

रियल एस्टेट बिल में कई बातों का जिक्र किया गया जिसका बिल्डरों को अब अनुसरण करना होगा. नए बिल में 500 वर्ग मीटर एरिया या आठ फ्लैट वाले प्रोजेक्ट को भी रेग्युलेटरी अथॉरिटी के साथ रजिस्टर कराना होगा.

बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी प्रोजेक्ट लांच नहीं हो सकेगा और ना ही बिल्डर उसका विज्ञापन निकाल सकेंगे.  भ्रामक विज्ञापन पर सजा का प्रावधान करने की सिफारिश बिल में की गई है.

बिल के मुताबिक एडवांस रकम का 70 फीसदी अलग अकाउंट में जमा करना होगा. इसके साथ ही उपभोक्ताओं की शिकायतों की सुनवाई की प्रक्रिया तेज बनाने की सिफारिश इस बिल में की गई है. नियमों की उल्लंघन पर बिल में बिल्डरों के लिए तीन साल की सजा का भी प्रावधान है.

 

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