पुणे: अंग्रेजों की जीत का जश्न मनाने को लेकर दो समुदायों में संघर्ष- एक की मौत, 25 से अधिक गाड़ियां जला दी गईं

Jan 02, 2018
पुणे: अंग्रेजों की जीत का जश्न मनाने को लेकर दो समुदायों में संघर्ष- एक की मौत, 25 से अधिक गाड़ियां जला दी गईं

महाराष्ट्र के पुणे जिले में भीमा-कोरेगांव की लड़ाई की 200वीं सालगिरह पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हिंसा भड़क उठी। जिसके चलते एक शख्स की मौत हो गई है। इतना ही नहीं बल्कि 25 से अधिक गाड़ियां जला दी गई है। और 50 से ज्यादा गाड़ियों में तोड़-फोड़ की गई है।


बता दें कि सोमवार को महाराष्ट्र के पुणे जिले में कोरेगांव भीमा की लड़ाई की 200वीं सालगिरह मनाई गई। ये इसलिए मनाई गई क्योंकि 1 जनवरी 1818 को ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना ने पेशवा बाजीराव की सेना को मात दी थी। जहाँ इस लड़ाई में कुछ संख्या में दलित भी अंग्रेजों की तरफ से लड़े थे। अपनी जीत के बाद अंग्रेजों ने कोरेगांव भीमा में यादगार के तौर पर जयस्तंभ बनवाया था। अपनी जीत का जश्न मनाने के लिए दलित समुदाय के लोग हर साल शहर में जमा होते हैं और इस जयस्तंभ तक मार्च करते हैं। लेकिन इस बार कुछ दक्षिणपंथी समूहों ने इस ‘ब्रिटिश जीत’ का जश्न मनाए जाने का विरोध किया था। इसि बात को लेकर गांव के लोगों और दलितों में संघर्ष हुआ, जिसमें एक की मौत हो गई।

ये भी पढ़ें :-  छेड़छाड़ से तंग बहनों ने खून से लिखा पीएम मोदी को खत, लगाई सुरक्षा की गुहार

इस बारे में पुलिस का कहना है कि ‘जब लोग गांव में युद्ध स्मारक की ओर बढ़ रहे थे तो सोमवार दोपहर शिरूर तहसील स्थित भीमा कोरेगांव में पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुई।’ इस बारे में एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ‘हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हुई है। हालांकि, उसकी पहचान और कैसे उसकी मौत हुई इसका अभी ठीक-ठीक पता नहीं चला सका है।’ आगे उन्होंने बताया कि ‘गांव में अब हालात नियंत्रण में है, और राज्य रिजर्व पुलिस बल की कंपनियों समेत और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।’ इतना ही नहीं बल्कि उन्होंने बताया कि ‘मोबाइल फोन नेटवर्क को कुछ समय के लिये अवरूद्ध कर दिया गया ताकि भड़काऊ संदेशों को फैलाने से रोका जा सके।’

इस बारे में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि ‘कोरेगांव हिंसा मामले में न्यायिक जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया जाएगा। और युवाओं की मौत पर सीआईडी ​​जांच भी की जाएगी। पीड़ित के परिजनों के लिए 10 लाख मुआवजे भी दिए जाएंगे।’ जबकि इस मामले में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि, ‘महाराष्ट्र के सीएम से इस मामले की जांच करने की मांग की है, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा ना हो पाए।’

लाइक करें:-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>