किसानों ने प्रधानमंत्री के रेलवे कार्यक्रम के आयोजन के लिए अपने खेत देने से किया इंकार

Mar 05, 2016

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी 12 मार्च को कुछ रेल परियोजनाओं का उद्घाटन कार्यक्रम के लिए निर्धारित किए गए आयोजन स्थल के लिए सुल्तानपुर गांव के किसानों द्वारा अपने खेत नहीं दिए जाने के मद्देनजर अब नया आयोजन स्थल छोकिया गांव होगा.

वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर से 6 किलोमीटर दूर सुल्तानपुर गांव के किसानों ने आगामी 12 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के आयोजन के लिए निर्धारित किए गए आयोजन स्थल से अपनी गेंहू की फसल को समय से पहले काटने से इंकार कर दिया है. फसल अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुई है.

वैशाली की जिलाधिकारी रचना पाटिल ने पीटीआई-भाषा को शुक्रवार को बताया कि अब प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का नया आयोजन स्थल छोकिया गांव होगा. उन्होंने बताया कि गंगा ब्रिज थानांतर्गत आने वाले छोकिया गांव में 80 एकड निर्धारित किए गए हैं.

पूर्व मध्य रेल (इसीआर) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अरविंद कुमार रजक ने भी इसकी पुष्टि की. रजक छोकिया गांव गए थे.

ऐसी संभावना जतायी जा रही है कि स्थानीय कद्दावर भाजपा नेता तथा समस्तीपुर जिला के उजियारपुर से पार्टी सांसद नित्यानंद राय के द्वारा नए आयोजन स्थल को चुनने में मदद की गयी, जिनके समर्थक किसान छोकिया गांव में हैं.

जिलाधिकारी ने बताया कि नए आयोजन स्थल को चुने जाने की वजह सुल्तानपुर गांव के किसानों के विरोध के अलावा आयोजन स्थल बदले जाने की दूसरी वजह बडे भूखंड की उपलब्धता की तलाश करना था जिससे अधिक से अधिक लोग कार्यक्रम में भाग ले सके. पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी की सभा का आयोजन सुल्तानपुर गांव में किया गया था.

इसीआर द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री गंगा नदी पर बने दीघा-सोनपुर रेल सह सडक पुल तथा मुंगेर में एक नया रेल पुल जनता को समर्पित करेंगे.

इस अवसर पर रेल मंत्री सुरेश प्रभु और रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा की उपस्थिति में प्रधानमंत्री कुछ ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. रेलवे के इस कार्यक्रम के अलावा उसी दिन प्रधानमंत्री पटना उच्च न्यायालय के शताब्दी समारोह में भाग लेंगे.

पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ए के रजक ने बताया कि गत बुधवार को इसीआर के महाप्रबंधक ए के मित्तल और बिहार के मुख्यसचिव अंजनी कुमार सिंह ने बैठक कर यह निर्णय लिया था कि जिन किसानों के फसल की क्षति होगी उसकी भरपायी की जाएगी.

सुल्तानपुर के एक किसान राजाराम राय ने बताया कि खेतों में लगी गेंहू फसल उनके छोटे बच्चों की तरह है जिसकी वह कुर्बानी नहीं दे सकते. राय की राजद से निकटता बतायी जाती है. राज उन किसानों में से एक हैं जो प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए अपना खेत देने का विरोध कर रहे हैं.

 

 

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