पुलिस बनी गुण्डा, दलित युवक को सड़क पर घसीटते हुए लाठी-डंडों से पीटा

Jun 22, 2016

स्योहारा/बिजनौर। सुईं का फावड़ा बनाने वाली कहावत आज उस समय हकीकत में बदल गई जब स्योहारा पुलिस ने एक दलित युवक को पहले तो सरकारी अस्पताल में मार पीट की फिर थाने लाकर बेरहमी से ताबड़ तोड़ लाठियां बरसाई। पुलिस की इस बर्बरता के चलते दलित युवक बुरी तरह से घायल हो गया।

इस लड़के की नाबालिग़ बहन अपनी ही जाती के लड़के के बहकावे में आकर घर से भाग गई थी

पुलिस की इस पिटाई के निशान दलित युवक के चेहरे हाथ और पाँव पर देखे जा सकते है। अगर पुलिस की माने तो मामला इस लड़के की बहन के केस से सम्बन्धित है कुछ माह पूर्व इस लड़के की नाबालिग़ बहन अपनी ही जाती के लड़के के बहकावे में आकर घर से भाग गई थी तथा लड़की पक्ष ने थाने में उसके भागने की सुचना देते हुए गाँव के ही सचिन कुमार पुत्र बाबूराम व उसके कुछ और परिचितों के खिलाफ़ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

जिसमे कहा गया था की उनकी नाबालिग़ बेटी को सचिन बहला फ़ुसला कर उनके घर से भगा कर किसी अज्ञात स्थान पर ले गया था जिसपर लड़की पक्ष ने 11/04/2016 को थाना स्योहारा में प्राथना पत्र दिया था तथा कुछ दिनों के बाद लड़की की बरामदगी के चलते पुलिस ने उसे बिजनौर न्यायलय भेज दिया था जहाँ से न्ययालय ने लड़की के नाबलिग़ होने की स्थति में उसे लड़की पक्ष के सुपुर्द कर दिया था.

कुछ दिनों बाद गाँव की महिलाओं के ताने सुनने की वजह से लड़की को उसके घर वालो ने अपनी बेटी की सुसराल नूरपुर भेज दिया था तथा सचिन नामक युवक को जब लड़की के नूरपुर होने का पता चला तो वो वहा भी जा धमका और वहा से दोबारा लड़की को बहला फुसला कर भगा ले गया और लड़की पक्ष को फोन कर धमका रहा है। कि अगर पुलिस को मेरे पीछे लगाओगे तो तुम्हे जान से मार दूंगा गाँव में रहने नही दूंगा लड़के की धमकी वाली रिकार्डिंग लड़की पक्ष ने पुलिस को सोप दी है।

पर ताज्जुब ये है की पुलिस उस युवक पर कोई कारवाही करने को तेयार नही है। इसी क्रम में 21 जून को थाने से लड़की पक्ष के पास फोन जाता है की आपकी लड़की थाने में आ गई है आकर उससे मिल लो फोन सुनने के बाद लड़की के दो भाई पिता व लड़की की माता थाने पहुची तब लड़की को महिला पुलिस कर्मी और एक सादी वर्दी पहने पुलिस कर्मी उसे मेडिकल जांच के लिए सरकारी अस्पताल ले जा रहे थे. लड़की का भाई जितेन्द्र उर्फ़ चन्दन भी उनके पीछे हो लिया और सरकारी अस्पताल पहुच गया जहाँ पर उसने अपनी बहन को डांटा की तुमने हमारी नाक कटवा दी है। हम गाँव में किसी को मुंह दिखाने के काबिल भी नही रहे।

इसी बीच सादी वर्दी वाले पुलिस कर्मी ने भाई बहन की बातो के बिच में आकर लड़की के भाई से बदतमीजी करते हुए मार पिट की तथा उसे रिक्सा में बेठा कर थाने लाने लगा जिसपर लड़के ने अपने को छुड़ाने की कोशिस की तथा जब रिक्सा थाने के करीब पहुचा तो वहा मोजूद और पुलिस कर्मियों ने लड़के को सड़क पर घसीटते हुए मारना शुरू कर दिया और उसे मारते हुए थाने ले आये तथा उसके हाथ में हथकड़ी लगा जैल की विंडो से बाँध दिया लड़के की इस हालत की ख़बर जब मिडिया को लगी तो लड़के की बेरहमी से की हुई पिटाई को अपने उपर पड़ता देख पुलिस वालो ने अपने सादी वर्दी वाले पुलिस कर्मी का मेडिकल करा कर उलटे दलित युवक पर ही केस बनाने की जुगत में लग गये और लड़के पक्ष को लगातार डराते रहे की तुम्हारे लड़के ने पुलिस वाले के हाथ में काटा है इसपर तो हम दो मुकदमे लगायेगे और जेल भेजेगे। सुबह की इस घटना में घायल दलित युवक रात तक पुलिस द्वारा लगाई गई मार से बने जख्मो से तड़पता रहा पर किसी पुलिस वाले की इंसानियत नही जागी और रात में लगभग 8 बजे ये कहते हुए लड़के के परिजनों को घर जाने को कह दिया की इसका हमने धारा 151,में चालन कर दिया है कल एसडीएम कोट जाकर इसे ले आना जब अगले दिन सुबह दलित परिवार थाने पहुचा तो थाने में बंद लड़के ने अपने परिजनों से रात के समय में भी उसे थाने में मोजूद पुलिस कर्मियों ने मार लगाई है बताया खबर लिखे जाने तक पुलिस ने दलित युवक को एसडीएम कोर्ट नही भेजा था।

लड़की पक्ष का इस घटना पर कहना है की थानेदार उस सचिन नामक युवक से हमसाज़ होकर उल्टा हमपर ही जुल्म कर रहा है जबकि वो युवक हमे रोज धमकी भरे फोन कर रहा है और गोली मारने की धमकी दे रहा है।

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