पीएम ने लिया बड़ा फैसला, पाकिस्तान का बिजली पानी बंद

Sep 26, 2016
पीएम ने लिया बड़ा फैसला, पाकिस्तान का बिजली पानी बंद
1960 में सिंधु जल समझौता  हुआ। इस पर जवाहर लाल नेहरू और अयूब खान ने दस्तखत किए थे। समझौते के तहत छह नदियों- ब्यास, रावी, सतलज, सिंधु, चेनाब और झेलम का पानी भारत और पाकिस्तान को मिलता है। पाकिस्तान आरोप लगाता रहा है कि भारत उसे समझौते की शर्तों से कम पानी देता है। वो दो बार इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल में शिकायत भी कर चुका है।
सतलज, व्यास और रावी का अधिकतर पानी समझौते के मुताबिक, भारत के हिस्से में रखा गया जबकि सिंधु, झेलम और चेनाब का अधिकतर पानी पाकिस्तान के हिस्से में गया। इस समझौते को भारत अगर रद्द कर देता है तो वहां का एक बड़ा हिस्सा प्यासा रह जाएगा। सिंधु और बाकी पांच नदियां पाकिस्तान के एक बड़े हिस्से की प्यास बुझाती हैं। पाकिस्तानी अखबार ट्रिब्यून ने पिछले दिनों कहा था कि सिंधु के पानी के बगैर देश का एक हिस्सा रेगिस्तान बन जाएगा। सिंधु, झेलम और चेनाब में वाटर बेस्ड इलेक्ट्रिसिटी प्रोजेक्ट चल रहे हैं। बिजली की पाकिस्तान में वैसे ही भारी परेशानी है।
यह समझौता रद्द होने से पाकिस्तान में बिजली को लेकर हाहाकार मच सकता है। इसके अलावा इन तीनों नदियों से सिंचाई भी की जाती है। समझौता रद्द होने पर बिजली तो कम होगी ही पाकिस्तान के किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। इससे निपटना  नामुमकिन हो सकता है। पहले ही कर्ज में गले तक डूबेपाकिस्तान के लिए फाइनेंशियल लेवल पर ये झटका सहन करना बेहद कठिन होगा।
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