G20 समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया विश्व को आर्थिक विकास का मंत्र

Sep 05, 2016
G20 समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया विश्व को आर्थिक विकास का मंत्र

हांगचौ। प्रधानमंत्री ने चीन में समिट को संबोधित करते हुए विश्व के आर्थिक विकास का अपना विजन और एजेंडा पेश किया। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इकॉनोमी की चुनौतियों का सामना सिर्फ बातों से संभव नहीं है, इसके लिए देशों को सामूहिक रूप से, एक दूसरे का सहयोग करते हुए एक लक्ष्य के साथ एक्शन लेने होंगे।

शुरू हुआ दुनिया के 20 ताकतवर देशों का सम्मेलन

जी20 समिट की रविवार को शुरुआत हुई। दुनिया के 20 ताकतवर अर्थव्यवस्था वाले देशों के इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में ग्लोबल इकॉनोमिक ग्रोथ के लिए वित्तीय व्यवस्था में सुधार और आधारभूत ढांचे के साथ-साथ मानव संसाधन के विकास पर बल दिया।

‘कई चुनौतियों से जूझ रहा है विश्व’

पीएम मोदी ने कहा कि यह ऐसा समय है जब विश्व राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है। हम सबको मिलकर कलेक्टिव, कोऑर्डिनेटेड और टारगेटेड एक्शन लेने होंगे वरना सिर्फ वार्ताओं से इस समस्या का समाधान नहीं होने वाला। उन्होंने कहा कि निर्णायक कदम उठाने का समय आ गया है ताकि विश्व की अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ सके और दुनिया के सभी देशों को इसका फायदा मिले।

‘हमारी चुनौतियां एक हैं’

पीएम मोदी ने कहा कि हम सबकी चुनौतियां एक हैं और अवसर भी हम सबके लिए समान हैं। डिजिटल क्रांति और नए टेक्नॉलोजी के आधार पर विश्व अर्थव्यवस्था आगे विकास करेगी।

‘डिजिटल गैप खत्म हो’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी20 समिट में अपील किया कि विश्व अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए देशों को डिजिटल गैप खत्म करना चाहिए। इसके साथ नए टेक्नॉलोजी के विकास के रास्ते में बाधक चीजों को हटाना होगा। उन्होंने स्किल डेवलपमेंट के साथ-साथ स्किल्ड प्रफेशनल्स के एक देश से दूसरे देश में मूवमेंट आसान बनाने की वकालत की। उन्होंने विश्व में पूंजी के प्रवाह को सरल बनाने की भी बात कही।

ओबामा की जमकर तारीफ की

जी20 समिट के अपने संबोधन में मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की जमकर तारीफ की। उन्होंने ग्लोबल पार्टनरशिप को बनाने में ओबामा के प्रयासों की सराहना की।

ब्रिक्स नेताओं से मुलाकात में क्या बोले मोदी

जी20 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच देशों (ब्राजील, भारत, चीन, रूस और दक्षिण अफ्रीका) के समूह ब्रिक्स की बैठक में हिस्सा लिया। बैठक को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना ब्रिक्स के नेताओं से आंतकवाद के समर्थकों और प्रायोजकों को अलग-थलग करने के लिए समन्वित कार्रवाई की अपील की।

मोदी ने आतंकवाद पर सख्त लहजा अपनाते हुए कहा कि साउथ एशिया या किसी भी क्षेत्र में आंतकवादियों के पास न बैंक है और न ही हथियारों की फैक्ट्री है। इससे यही पता चलता है कि कोई न कोई देश उनको पैसा और हथियार दे रहा है। उन्होंने आतंकवाद को समाज और देशों के लिए खतरा बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार खतरे को और बढ़ा रहा है।

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