कभी यूएस आर्मी का सपना था दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट एयरलैंडर10

Aug 07, 2016

लंदन। दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट जिसे यूं तो यूएस आर्मी के प्रयोग लिए बनाया जाना था लेकिन अब वह कमर्शियल यूज के होगा। हम बात कर रहे हैं दुनिया के सबसे बड़े हाईब्रिड एयरक्राफ्ट एयरलैंडर 10 की जो पहली बार अपने हैंगर से बाहर आया है।

फ्लाइंग बम एयरलैंडर10

इस एयक्राफ्ट ने शनिवार को पहली बार उड़ान भरी। एयरलैंडर 10 को ‘फ्लाइंग बम’ के नाम से भी जानते हैं। इसके निर्माण में 25 मिलियन पौंड का खर्च आया है। इसे बनाने में करीब 10 वर्ष का समय लगा और अब यह बनकर तैयार हो चुका है। इस एयरक्राफ्ट का कुछ हिस्‍सा एरोप्‍लने का है और कुछ शिप और कुछ हेलीकॉप्‍टर का है। शनिवार को इसने कई टेस्‍ट्स के बाद बेडफर्डशायर से उड़ान भरी।

इसकी खासियतएयरलैंडर 10.92 मीटर लंबा है, 44 मीटर चौड़ा और 26 मीटर ऊंचा है। यह एक साथ 48 पैंसेजर्स को एक जगह से दूसरी जगह ले जा सकता है। पैसेंजर जेट के मुकाबले इसकी लंबाई लगभग 15 मीटर ज्‍यादा है। यह लोगों को भी एक जगह से दूसरी जगह ले ले जा सकेगा। पैसेंजर जेट के अलावा यह एक एयरशिप की भी तरह काम कर सकेगा। यह हवा से हल्की हीलियम गैस के सहारे उड़ेगा। यह एक हेलीकॉप्टर भी है, क्योंकि इसे रन-वे की जरूरत नहीं होगी। हाइब्रिड एयर व्‍हीकल्‍स (एचएवी) ने इसे इस तरह से डिजायन किया है। हीलियम के प्रयोग से तीन हफ्ते तक हवा में रह सकता है। एयरलैंडर 148 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ भी सकता है। एयरलैंडर-10 एरोप्‍लेन और हेलीकॉप्टर का मिला-जुला रूप है। लगातार पांच दिन उड़ सकता है और 10 टन सामान ढो सकता है।इसे पानी पर भी उतारा जा सकता है। एयरलैंडर-10 का प्रयोग ट्रांसपोर्टेशन के साथ ही बाकी कर्मशियल भी होगा। अमेरिका का प्रोजेक्‍ट 

इस एयरक्राफ्ट का ख्‍याल सबसे पहले वर्ष 2012 में यूएस आर्मी को आया था। अमेरिका अपनी सेना के लिए अफगानिस्‍तान सामान पहुंचाने के लिए इसका प्रयोग करना चाहता था। लेकिन वर्ष 2012 में रक्षा बजट कम होने की वजह से यह प्रोजेक्‍ट अमली जामा नहीं पहन सका और इसे वहीं रोक दिया गया। बाद में ब्रिटिश कंपनी एयरलैंडर ने इस आइडिया को कैश करा लिया और अब यह एयरक्राफ्ट तैयार है।

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