लोग उर्दू लिखें तो विरोध, मोदी लिखें तो ठीक, ये कौन सी संस्कृति है:कपिल मिश्र

May 25, 2016

नई दिल्ली। दिल्ली में एक दीवार पर सरकार की इजाज़त से उर्दू शायरी लिखने वाले दो कलाकारों की पेंटिंग उन्हीं से पुतवाने और उनसे स्वच्छ भारत अभियान लिखने पर मजबूर करने का मामला गरमा गया है।दिल्ली के संस्कृति मंत्री कपिल मिश्र ने कहा है कि वो ख़ुद जाकर उस दीवार पर उर्दू में वॉल पेंटिंग करवाएंगे जहाँ कथित आरएसएस कार्यकर्ताओं ने ऐसा करने से रोका था।

कपिल मिश्र ने कहा, “मैं ख़ुद वहां जाउंगा, उर्दू में पेटिंग करवाऊंगा, देखते हैं कौन रोकने आता है।”
कपिल मिश्र ने कहा, “दिल्ली ने भाजपा और आरएसएस की कट्टर विचारधारा को नकार दिया है और ये लोग इसी लिए बौखलाए हुए हैं।”

19 मई को दिल्ली सरकार की अनुमति से सरकारी दीवार पर एक विदेशी और एक भारतीय कलाकार उर्दू की शायरी लिख रहे थे।कलाकारों ने आरोप लगाया था कि आरएसएस से जुड़े कुछ लोगों ने न सिर्फ़ उनकी पेटिंग पुतवा दी बल्कि उन्हें उस पर स्वच्छ भारत अभियान लिखने को मजबूर किया।

मंत्री कपिल मिश्र ने कहा, “मैं उर्दू पेटिंग के साथ दीवार पर वो पोस्टर भी चिपकवाऊंगा जो मोदी जी ने उर्दू में ट्वीट किया था।”उन्होंने पूछा, “मोदी उर्दू लिखें तो ठीक और लोग लिखें तो विरोध, ये कौन सी संस्कृति है जो ये लोग दिल्ली में लाना चाहते हैं।”

मिश्र ने कहा, “उर्दू ऐसी ज़बान है जो दिल्ली में पैदा हुई और फिर दुनियाभर में फैली। ये लोग जो हिंदू धर्म की रक्षा की बात कर रहे हैं इन्हें हिंदू धर्म की जानकारी ही नहीं है। मैं भी हिंदू हूँ और मुझे नहीं लगता कि मेरा धर्म इतना कमज़ोर है जो उर्दू देखकर ही डर जाएगा।”

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