पटना में छात्रों की पिटाई के विरोध में सोशल मीडिया पर निंदा

Aug 04, 2016

नई दिल्ली। बिहार के पटना में छात्रवृत्ति में कटौती का विरोध करने वाले छात्रों पर पुलिस ने बुधवार को बेरहमी से लाठियां बरसाईं। ये छात्र छात्रवृत्ति में कटौती न करने की मांग कर रहे थे। अभी तक छात्रों को फीस के बराबर छात्रवृत्ति मिलती थी लेकिन अब छात्रवृत्ति की अधिकतम राशि 15 हजार कर दी गई है। इस मुद्दे पर लालू नीतीश लोगों के निशाने पर आ गए हैं। सोशल मीडिया पर बिहार सरकार के इस कारनामे की निंदा हो रही है।

नीतीश जी और लालू जी,
दलितों ने मुसलमानों और पिछड़ों के साथ मिलकर आपकी झोली वोट से भर दी. बदले में अगर उनकी स्कॉलरशिप बंद होनी है और विरोध करने पर लाठी ही खानी है, तो एक बात आप लोग भी समझ लीजिए… राजनीति में कोई अमृत पीकर नहीं आता.
जो जनता बनाती है, वह बिगाड़ भी देती है. बहुत बेरहम होती है पब्लिक. इकबाल खत्म हो गया, तो बहुमत होने के बावजूद राज चलाना मुश्किल हो जाता है. देख रहे हैं न नरेंद्र मोदी की दुर्गति. अपना गृह राज्य नहीं संभल रहा है.
दोषी पुलिस अफसरों को दंडित कीजिए. एक पत्थर नहीं उछला और छात्रों पर लाठी चार्ज कर दिया. क्यों?

पत्रकार वेद प्रकाश ने एक फोटो शेयर करते हुए लिखा है….
वेद प्रकाश दलित और मुस्लिम का खून सस्ता है, पटना पुलिस शौक से बहाती है। दोनों तस्वीर पटना की है। पहली तस्वीर दलित छात्रों की है, दूसरी मदरसा शिक्षकों की। पिछले साल अगस्त में मुसलमानों का खून बहा था, इस अगस्त में दलितों का बहा है। मदरसा शिक्षक अपने वेतन के लिए खून बहाये, दलित छात्रवृति के लिए। तब भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार थे और अब भी हैं। तो बताईये न कि हम दलित और मुस्लिम कहां जायें। भाजपा भी हमारा खून बहाती है, और आप भी..

पटना में स्कॉलरशिप में कटौती का विरोध कर रहे दलित छात्रों पर लाठीचार्ज। पहले कोर्स-फी के बराबर मिलती थी छात्रवृति, अब फी कितनी भी हो, छात्रवृति महज ₹15 हजार (अधिकतम) ही मिल पाएगी। प्रदेश भर के दलित छात्र इसी का कर रहे थे विरोध। बिहार में बहार है।

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