पनामा पेपर्स लीक: आए दुनिया की कई हस्तियों के नाम 500 भारतीयों के नाम होने की खबर

Apr 05, 2016

पनामा पेपर्स लीक मामले में भारी कर चोरी में सामने आए दुनिया की कई हस्तियों के नाम शामिल हैं.

कर चोरी के एक बड़े मामले में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगी, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, सऊदी अरब के शाह, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और अनेक विश्व नेताओं व दिग्गज फुटबालर लियोनेल मेस्सी सहित अनेक हस्तियों के नाम सामने आए हैं.  यह खुलासा एक विधि फर्म से 1.15 करोड़ कर दस्तावेजों की लीक और जांच के बाद किया गया है.

इस खुलासे में 500 भारतीयों के नाम होने की भी खबर है जिसमें कई राजनेता, उद्योगपति व फिल्म जगत की हस्तियां भी शामिल हैं. नई दिल्ली से छपने वाले एक अंग्रेजी अखबार में यह खबर छपने के बाद भारत के राजनीतिक, उद्योग व फिल्म जगत में हड़कंप मच गया है. इन दस्तावेजों की जांच 100 से भी ज्यादा मीडिया घरानों के एक समूह ने की है.

इसे इतिहास की अपनी तरह की सबसे बड़ी जांचों में से एक बताया जा रहा है. इस जांच में लगभग 140 राजनीतिक हस्तियों की संपत्ति से जुड़ी गुप्त विदेशी सौदेबाजी को उजागर किया गया. जर्मन अखबार ‘सिदोचे जाइतुन’ ने बड़ी मात्रा में ये दस्तावेज एक अज्ञात सूत्र से प्राप्त किए हैं और इसे खोजी पत्रकारों के एक अंतरराष्ट्रीय संगठन आईसीआईजे के जरिए दुनिया भर के मीडिया के साथ साझा कर दिया. लीक हुए ये दस्तावेज पनामा की एक विधि फर्म मोस्साक फोंसेका से आए. इस फर्म के 35 से भी अधिक देशों में दफ्तर हैं. ये दस्तावेज लगभग 2,14,000 आफशोर इकाइयों से जुड़े हैं और इसमें 40 साल तक का लेनदेन शामिल है.

 

जांच में पुतिन के निकट सहयोगी का भी उल्लेख है जिसने दस्तावेजों में अपना नाम उजागर नहीं किया. आरोप है कि इसने ‘बैंकों और छद्म कंपनियों के जरिए गुप्त रूप से दो अरब डॉलर का हेरफेर किया.’ जांच में 12 मौजूदा या पूर्व राष्ट्र प्रमुखों के नाम भी आए हैं. इनमें आइसलैंड व पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, उक्रेन के राष्ट्रपति, सऊदी अरब के शाह के साथ-साथ जैकी चान जैसे खेल व फिल्मी दुनिया के अनेक सितारे शामिल हैं.

कैसे हुई जांच

►जर्मन अखबार ‘सिदोचे जाइतुन’ ने बड़ी मात्रा में ये दस्तावेज एक अज्ञात सूत्र से प्राप्त किए.
►इसे खोजी पत्रकारों के एक अंतरराष्ट्रीय संगठन आईसीआईजे के जरिए दुनिया भर के मीडिया के साथ साझा किया गया.
►लीक हुए ये दस्तावेज पनामा की एक विधि फर्म मोस्साक फोंसेका से आए. इस फर्म के 35 से भी अधिक देशों में दफ्तर हैं.
►ये दस्तावेज लगभग 2,14,000 आफशोर इकाइयों से जुड़े हैं और इसमें 40 साल तक का लेनदेन शामिल है.
►सौ मीडिया घरानों के एक समूह ने की थी पूरे मामले की जांच.

आरोप है कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के परिवार का आफशोर खातों से संबंध है. इसी तरह ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के पिता का भी इसी तरह के खातों से संबंध है. जांच में दावा किया गया है कि आर्थिक संकट के समय आइसलैंड के प्रधानमंत्री के पास बैंक बांडों में लाखों डालर की राशि थी. चीन के राष्ट्रपति शी खुद अपने देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा अभियान चला चुके हैं जिसके तहत कम्युनिस्ट पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा अनाप शनाप संपत्ति रखने को निशाना बनाया गया था.

उक्त दस्तावेजों की जांच से फुटबाल के वैश्विक नियामक संस्थान में भ्रष्टाचार व घोटालों पर नए सिरे से रोशनी पड़ती नजर आ रही है. इसमें खुलासा किया गया है कि फीफा की आचार समिति के एक सदस्य जुआन प्रेडो दमियानी के तीन लोगों के साथ कारोबारी संबंध रहे जिन पर जांच में अभियोग लगाया गया.

यूईएफए के बदनाम प्रमुख मिशेल प्लेतिनी ने कथित रूप से एक आफशोर कंपनी के नियंतण्रके लिए मोसेक फोंसेका का इस्तेमाल किया. वहीं मेस्सी व उनके पिता एक तरह से एक ऐसी मुखौटा कंपनी के मालिक रहे जिसका खुलासा मेस्सी के कर मामलों की स्पेनिश जांच में नहीं हुआ. प्लेतिनी की जनसंपर्क सेवा ने एएफपी को भेजे गए एक बयान में कहा गया कि उसके सभी खातों और संपत्तियों की जानकारी स्विट्जरलैंड के कर अधिकारियों को है. वह वर्ष 2007 से वहां का करदाता है.

आईसीआईजे के निदेशक गेरार्ड राइल ने कहा, मुझे लगता है कि दस्तावेजों की संख्या को देखते हुए इस लीक से आफशोर की दुनिया को अब का सबसे बड़ा झटका लगेगा. वहीं इस मामले में सामने आई पनामा की विधि फर्म मोस्साक फोंसेका के एक संस्थापक रेमन फोंसेका ने एएफपी से कहा कि (दस्तावेजों को) लीक किया जाना एक अपराध, पाप है और पनामा पर एक हमला है.

उन्होंने कहा, यह पनामा पर एक हमला है क्योंकि कुछ देशों को यह बात रास नहीं आती कि हम कंपनियों को आकषिर्त करने में इतने प्रतिस्पर्धी हैं. पनामा सरकार ने ‘ पनामा पेपर्स’ के आंकड़े लीक होने के मद्देनजर कहा है कि वह किसी तरह के संदिग्ध सौदों को कतई बर्दाश्त नहीं करती और कानूनी जांच में पूरी तरह सहयोग करेगी. इस खुलासे का, सामने आए अनेक नामों पर गंभीर राजनीतिक असर पड़ सकता है. आइसलैंड के प्रधानमंत्री डेविड गुनलॉग्सन को इस सप्ताह अविश्वास मत का सामना करना पड़ सकता है.

आरोप है कि उन्होंने ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में लाखों डालर छिपाने के लिए एक गुप्त आफशोर फर्म विंट्रिस इंक का इस्तेमाल किया. गुनलॉग्सन ने स्वीडिश एसवीटी चैनल के एक पत्रकार को बताया, मैंने कभी संपत्ति नहीं छुपाई. एक तरह से नाराज दिख रहे गुनलॉग्सन ने कहा, यह तो ऐसा ही है कि आप मुझ पर कोई आरोप लगा रहे हैं.

उनके प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री व उनकी पत्नी ने कानूनों का पूरी तरह से पालन किया है. संगठन का कहना है कि लीक किए गए दस्तावेजों में जिन हस्तियों का नाम आया है उनमें उक्रेन के राष्ट्रपति, सऊदी अरब के शाह व पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शामिल है. आईसीआईजे के अनुसार लीक किए गए इन दस्तावेजों की जांच पड़ताल 70 से अधिक देशों के लगभग 370 पत्रकारों ने की. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि मूल रूप से ये दस्तावेज किसने लीक किए.

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