पाकिस्तान की संसद में सर्वसम्मति पास हुआ हिंदू विवाह अधिनियम

Sep 27, 2016
पाकिस्तान की संसद में सर्वसम्मति पास हुआ हिंदू विवाह अधिनियम

जहा उरी हमले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बना हुआ है उसी दौरान पाकिस्तान की संसद के निचले सदन ने हिंदू विवाह अधिनियम विधेयक को सर्वसम्मति पारित कर दिया। इस विधेयक के पारित होने के बाद अब पाकिस्तान में हिंदुओं की शादियों को पंजीकृत किया जा सकेगा. अब तक हिन्दुओं की शादी पंजीकृत नहीं की जाती थीं, जिसके चलते पाकिस्तान में रह रहे हिंदू समुदाय खुद को असुरक्षित महसूस करते थे।

सोमवार को यह विधेयक सदन में रखा गया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया. विधेयक के मसौदे में कहा गया है कि शादी के समय हिंदू जोड़े की उम्र अठारह साल या उससे अधिक होनी चाहिए।

इस विधेयक में यह भी पास है कि अगर पति पत्नी एक साल या उससे अधिक समय से अलग रह रहे हैं और वो एक दूसरे के साथ नहीं रहना चाहते, साथ ही शादी को रद्द करना चाहें तो वो ऐसा कर सकते हैं। विधेयक के अनुसार हिंदू विधवा को भी अपने पति की मृत्यु के छह महीने के बाद फिर से शादी करने का अधिकार होगा। विधेयक में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि अगर कोई हिंदू व्यक्ति अपनी पहली पत्नी के होते हुए दूसरी शादी करता है तो यह एक दंडनीय अपराध माना जाएगा।

विवाह पंजीकरण के नियमों का उल्लंघन करने पर छह महीने कैद की सज़ा का प्रावधान भी रखा गया है। इस विधेयक में शादी से लेकर परिवार, माँ और बच्चे को सुरक्षा प्रदान करने की भी बात कही गई है

अन्य ख़बरों से लगातार अपडेट रहने के लिए हमारे Facebook पेज को Join करे

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>