पाकिस्तान और चीन को शत्रु राष्ट्र नहीं मानती उनके साथ दोस्ताना संबंध चाहती है भारत : केंद्र सरकार

Mar 10, 2016

पड़ोसी देशों के साथ मित्रवत संबंधों की इच्छा जाहिर करते हुए भारत सरकार ने कहा कि वह पाकिस्तान और चीन को शत्रु राष्ट्र नहीं मानती और उनके साथ दोस्ताना संबंध चाहती है.

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में बुधवार को विभिन्न दलों के सदस्यों द्वारा उठाए गए इस सवाल पर सहमति जताई कि भारत कब तक पाकिस्तान और चीन को शत्रु मानता रहेगा.

‘शत्रु संपत्ति (संशोधन एवं विधिमान्यकरण) विधेयक 2010’ विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, हम पाकिस्तान और चीन को शत्रु नहीं मानते. सरकार पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध चाहती है. बाद में सदन ने इस विधेयक को ध्वनिमत से अपनी मंजूरी दे दी.

राजनाथ सिंह ने कहा कि राजग सरकार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उन वाक्यों को हमेशा ध्यान में रखकर चलती है कि दोस्त बदले जा सकते हैं लेकिन हम पड़ोसी नहीं बदल सकते. गृह मंत्री ने साथ ही सदस्यों से कहा कि हर चीज को जाति, धर्म या पंथ से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने साथ ही कहा कि सरकार शत्रु संपत्तियों का सरकार द्वारा इस्तेमाल किए जाने पर विचार कर रही है.

 

उन्होंने कहा कि जब किसी देश का साथ युद्ध होता है तो उसे शत्रु माना जाता है और ‘शत्रु संपत्ति संशोधन एवं विधिमान्यकरण विधेयक 2010’ को 1962 के भारत-चीन युद्ध, 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए.

उपरोक्त युद्धों की पृष्ठभूमि में अपनी पुश्तैनी संपत्ति को छोड़कर शत्रु देश में चले जाने वाले पाकिस्तानी और चीनी नागरिकों के संबंध में लाए गए इस विधेयक के संबंध में राजनाथ ने कहा कि यह देश का मुद्दा है किसी मजहब का नहीं. उन्होंने कहा कि चीन और पाकिस्तान जाने वाले अलग-अलग मजहबों से थे, इसलिए इसे किसी मजहब की नजर ने कतई नहीं देखा जाना चाहिए.

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