Must Read: शटलर क्वीन पीवी सिंधु की बायोग्राफी

Aug 16, 2016

नई दिल्ली। में शटलर क्वीन पीवी सिंधु ने भारतीयों की उम्मीदों को जगा रखा है। आपको बता दें कि सोमवार को खेले गये महिला एकल स्पर्धा मुकाबले में विश्व चैम्पियनशिप में दो बार कांस्य जीत चुकीं सिंधु ने चीनी ताइपे की खिलाड़ी ताई जू यिंग को सीधे गेम में हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है।

अब सिंधु का मुकाबला क्वार्टर फाइनल में चीन की यिहान वांग से होगा, जो लंदन ओलम्पिक में एकल वर्ग में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। साथ ही वह एशियाई चैम्पियन भी हैं और 2011 विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक भी अपने नाम हासिल कर चुकी हैं।

आईये डालते हैं एक नजर भारत की शटलर क्वीन पीवी सिंधु के जीवन और खेल के सफर पर..पीवी सिंधु का पूरा नाम पुसार्ला वेंकट सिंधु हैं।पीवी सिंधु का जन्म 5 जुलाई 1955 को आंध्र प्रदेश में हुआ था।सिंधु के पिता पी.वी. रमण और माता का नाम पी. विजया हैं।रमण भी वालीबाल खेल में उल्लेखनीय कार्य हेतु वर्ष-2000 में भारत सरकार का प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैंसिंधु मात्र 8 साल की उम्र से बैडमिंटन खेल रही हैं।सिंधू ने सबसे पहले सिकंदराबाद में इंडियन रेलवे सिग्नल इंजीनियरिंग और दूर संचार के बैडमिंटन कोर्ट में महबूब अली के मार्गदर्शन में बैडमिंटन खेलना शुरू किया।2009 में कोलम्बो में सब जूनियर एशियाई बैडमिंटन चैम्पियनशिप में कांस्य।2010 में ईरान में फाजिर अहमद अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट में रजत।2010 में मेक्सिको में आयोजित जूनियर वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं।2010 में उबेर कप के लिए भारतीय राष्ट्रीय टीम में शामिल।जुलाई 2012 में एशिया यूथ अंडर-19 चैम्पियनशिप में पहला स्थान।2012 चाइना मास्र्ट्स सुपर सीरीज टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचीं।2012 में राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में उपविजेता।दिसम्बर 2012 में लखनऊ में आयोजित सैयद मोदी इंडिया ग्रां प्री गोल्ड टूर्नामेंट में उपविजेता।2013 में मलेशिया ओपन खिताब जीता, करियर का पहला ग्रैंड प्रिक्स गोल्ड खिताब।

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