विपक्ष ने लोकसभा में नोटबंदी पर सरकार को घेरा

Feb 06, 2017
विपक्ष ने लोकसभा में नोटबंदी पर सरकार को घेरा

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सोमवार को विपक्ष ने नोटबंदी को लेकर सरकार पर निशाना साधा। लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि कांग्रेस ने 70 सालों तक लोकतंत्र को बचाए रखा। उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी के इस बयान की आलोचना की, जिसमें उसने बार-बार कहा है कि कांग्रेस ने वर्षो तक सत्ता में रहने के बाद भी कुछ नहीं किया।

खड़गे ने नोटबंदी पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को नोटबंदी के कारण हुई मौतों के लिए माफी मांगनी चाहिए।

विपक्षी नेता ने कहा कि नोटबंदी के बाद एटीएम व बैंकों के बाहर कतार में खड़े 125 लोगों की मौत हो गई।

कांग्रेस नेता ने कहा, “कई लोगों की मौत हो गई। कम से कम प्रधानमंत्री को लोगों से माफी मांगनी चाहिए थी। आप अब भी माफी मांग सकते हैं।”

खड़गे ने कहा कि सरकार को देश को बताना चाहिए कि नोटबंदी के बाद कितना काला धन वापस आया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री जानते थे कि चुनाव आ रहे हैं, वह चाहते थे कि लोग 15 लाख रुपये के वादे को भूल जाएं।”

खड़गे के लगभग एक घंटा 40 मिनट लंबे भाषण के दौरान सरकार पर हमले को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों की कांग्रेस के सदस्यों के साथ कई बार नोकझोंक हुई।

खड़गे ने कहा कि महात्मा गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी ने देश के लिए अपने प्राणों की आहूति दी।

खड़गे ने कहा कि वर्तमान सत्ताधारी पार्टी से किसी ने भी देश के लिए अपने प्राणों की आहूति नहीं दी और उन्होंने ‘असंसदीय’ भाषा का इस्तेमाल किया।

जैसे ही सत्ताधारी पक्ष का विरोध बढ़ा, खड़गे ने कहा, “यह इतिहास है। यह असंसदीय नहीं है।”

महाजन ने खड़गे को निर्देश दिया कि वह असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल न करें। महाजन कहा, “आप इस तरह से कोई बात नहीं कह सकते। देश के लिए कई लोगों ने अपने प्राणों की आहूति दी है।”

कांग्रेस सदस्य की टिप्पणी से आक्रोशित संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा दीन दयाल उपाध्याय जैसे जनसंघ के नेताओं ने भी देश के लिए अपनी जान दी और कहा कि खड़गे को माफी मांगनी चाहिए।

चर्चा की शुरुआत करने वाले केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने कांग्रेस पर स्वतंत्रता के बाद 70 वर्षो के दौरान देश से गरीबी न हटाने का आरोप लगाया।

केंद्रीय संस्कृति मंत्री शर्मा ने कहा, “2014 से पहले की सरकारों ने गरीबी खत्म करने का वादा किया, लेकिन वे नाकाम रहीं। और उनके दिशाहीन नेतृत्व के कारण देशवासियों ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को भारी जनादेश दिया।”

नोटबंदी के कदम का समर्थन करते हुए शर्मा ने कहा, “यह कदम जाली नोटों, आतंकवाद, नक्सलवाद से निपटने के लिए उठाया गया, लेकिन विपक्ष उन्हीं के साथ खड़ा नजर आता है। पूरे देश ने इस कदम का स्वागत किया, सिवाय विपक्ष के।”

तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत रॉय ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के नेताओं ने नोटबंदी का विरोध किया, जिसके परिणामस्वरूप केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का दुरुपयोग किया।

आम आदमी पार्टी (आप) के नेता भगवंत मान ने कहा कि नोटबंदी के कारण लोग भाजपा को वोट नहीं देंगे।

मान ने कहा, “आपने नोटबंदी की है, लोग वोटबंदी करेंगे।”

उन्होंने केंद्र सरकार पर देश की संघीय संरचना पर हमला करने का भी आरोप लगाया।

वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सदस्य जयप्रकाश नारायण यादव ने कहा, “नोटबंदी के कारण आपकी सरकार हारेगी।”

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