आतंक से जुड़े और विपक्षी दलों के आरोपों के मामले अदालत पर छोड़ दें :जेटली

May 16, 2016

मोदी सरकार के दौरान दक्षिणपंथी समूहों के खिलाफ आतंक से जुड़े मामलों पर नरम रवैया अपनाने के कांग्रेस और कुछ विपक्षी दलों के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि इन मामलों को अदालतों पर छोड़ दिया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि अगर कुछ भी गलत होगा तब उस पर न्यायपालिका अपने विचार व्यक्त करेगी.

कांग्रेस पर पलटवार करते हुए जेटली ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के दौरान उसने जांच एजेंसियों का इस्तेमाल ‘फर्जी’ आरोपपत्र तैयार करने के लिए किया और कहा कि ऐसे कई मामलों में अदालत ने बिना सुनवाई के ही आरोपियों को मुक्त कर दिया.

भारतीय वुमन प्रेस कोर में वित्त मंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान इन आरोपों को भी सिरे से खारिज कर दिया कि भाजपा शासित राज्यों में विपक्षी पार्टी से जुड़े महानुभावों को पाठ्यपुस्तक संशोधन के दौरान हटाया जा रहा है.

जेटली ने कहा कि ऐसे आरोप नये नहीं है, जब भी भाजपा सत्ता में आती है, ऐसे आरोप लगाये जाते हैं.

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ आरोप हटाये जाने को लेकर कांग्रेस के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘ये कानूनी मसले हैं जो उपलब्ध साक्ष्य की गुणवत्ता पर आधारित हैं.’’

वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘ये मामले अंतत: अदालत के अधीन हैं जो इस बारे में निर्णय करती है. आरोप पत्र अदालत में जायेगा. अगर इसमें कुछ भी गलत होगा, तब मुझे विश्वास है कि अदालत अपने विचार व्यक्त करेगी.’’

उन्होंने हालांकि पूर्ववर्ती यूपीए सरकार पर निशाना साधते और मीडिया पर चुटकी लेते हुए कहा कि यह अति उदारता थी जब तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार के दौरान कुछ आरोपपत्र जांच एजेंसियों द्वारा पेश किये गए थे और जिस तरह से कुछ मामलों में जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया गया, जिस तरह से कुछ एजेंसियों की विसनीयता गिरी, मेरे विचार से ये रिकार्ड गिरावट थी.

 

जेटली ने कहा कि जब वह विपक्ष के नेता थे तब उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखा था और उन मामलों का जिक्र किया था जिसमें आरोपपत्रों को गलत ढंग से गढ़ा गया.

उन्होंने कहा कि जिन-जिन मामलों का मैंने जिक्र किया, उनमें अदालत ने आरोप तय भी नहीं किया. अदालत ने बिना सुनवाई किये ही आरोपियों को बरी किया. और यह तब हुआ जब यूपीए सरकार थी, एनडीए सरकार नहीं.

वित्त मंत्री ने हालांकि किसी मामले का जिक्र नहीं किया हालांकि उन्होंने तत्कालीन यूपीए सरकार द्वारा अमित शाह के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किये जाने की आलोचना की.

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>