भूख से एक और मौत: बायोमैट्रिक मशीन पर अंगूठे का निशान मैच न होने पर नहीं दिया गया राश

Oct 24, 2017
भूख से एक और मौत: बायोमैट्रिक मशीन पर अंगूठे का निशान मैच न होने पर नहीं दिया गया राश

झारखंड में भूख से हो रही मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। सिमडेगा और धनबाद के बाद देवघर जिले के मनोहरपुर प्रखंड में कथित रुप से भूख से एक जने की मौत हो गई है। ये झारखंड का भूख से मौत का तीसरा मामला है। जहाँ पहले ही एक मासूम बच्ची और फिर रिक्शा चालक की भूख से मौत हो चुकी है।

बता दें कि इस बार बायोमैट्रिक मशीन में पिता के अंगूठे का निशान न मिलने पर दो महीने से राशन न दिए जाने की बात सामने आई है। मृतक की बेटी मानोदी मरांडी के बताने के मुताबिक, उनके पिता के अंगूठे का निशान बॉयोमेट्रिक मशीन से नहीं मिलने पर पिछले दो महीने से उसके परिवार को राशन नहीं दिया जा रहा था। इस वजह से घर में अनाज का एक दाना भी नहीं था। एक पडोसी ने कुछ भात दिया था वही खा कर पूरा परिवार किसी तरह जीवित था।

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इस मामले के सामने आ जाने के बाद इस पर भी राजनीति शुरू हो गई है। वहां के स्थानीय लोग इस पूरे मामले की जांच कराकर दोषी को सख्त से सख्त सज़ा देने की मांग शुरू कर दी है। लेकिन दूसरी तरफ इस मामले में कैमरे के सामने अधिकारी अभी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। लेकिन इस में हैरानी की बात तो ये है कि इससे पहले भूख से मौत के होने के दो कारण सामने आ चुके हैं। एक सिमडेगा जिले में 11 साल की संतोषी कुमारी को कई दिनों से खाना न मिलने की वजह से उसकी मौत हो गई। क्योंकि स्थानीय राशन डीलर ने महीनों पहले उसके परिवार का राशन कार्ड रद्द करते हुए अनाज देने से इनकार कर दिया था। वहां के राशन डीलर की दलील ये थी कि राशन कार्ड आधार नंबर से लिंक नहीं है, इसलिए उस परिवार को अनाज नहीं मिल सकता है।

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वहीँ धनबाद ज़िले में एक 40 साल के रिक्शा चालक की भी भूख से मौत होने की खबर सामने आई थी। उनके परिवार का आरोप है कि रिक्शा चलाकर गुज़ारा करने वाले बैद्यनाथ दास राशन कार्ड बनवाने के लिए चक्कर काट रहा था। और इसी हाल में वो अपनी जान गंवा बैठा था।

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