सिर्फ एक शर्त पर मुकेश अंबानी से शादी के लिए तैयार हुई थीं नीता, इसी के बूते बनाया अपना मुकाम

Dec 28, 2017
सिर्फ एक शर्त पर मुकेश अंबानी से शादी के लिए तैयार हुई थीं नीता, इसी के बूते बनाया अपना मुकाम

भारत के सबसे अमीर शख्स और रिलायंस के टेलीकॉम प्रोजेक्ट जियो को लेकर चर्चों में रहने वाले मुकेश अंबानी को देश का हर व्यक्ति जानता है। एक तरफ तो उनकी यहाँ तक की कामयाबी का काफी चर्ची होती रहती है। लेकिन उनके साथ साथ उनकी पत्नी नीता अंबानी भी सुर्ख़ियों में रहती हैं। जिन्होंने मुकेश अंबानी का हर मौके पर साथ दिया है। जिनके बारे में कहा जाता है कि जोड़ियां ऊपर आसमान में बनाई जाती हैं। और मुकेश-नीता इसी का एक उदाहरण हैं। जिनकी लवस्टोरी किसी फ़िल्मी स्टोरी से कम नहीं है।

बता दें कि मुकेश-नीता की लवस्टोरी कम लोगों को ही मालूम होगी कि इस शादी में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाला कोई और नहीं बल्कि मुकेश अंबानी के पिता और रिलायंस इंडस्ट्रीज के संस्थापक धीरूभाई अंबानी खुद थे। जिनका आज जन्मदिन है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नीता के पिता बिड़ला ग्रुप में कार्य करते थे। उन्हीं दिनों बिडला परिवार के निजी आवास बिरला मातोश्री में एक प्रोग्राम था। जहां 20-वर्षीय नीता ने भी भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी थी। जहाँ नीता के शो के दौरान धीरूभाई अंबानी भावप्रवण अभिनय में खो गए और उन्होंने ने इस बात को महसूस किया कि इस युवा लड़की में खूबसूरती के साथ-साथ भारतीय संस्कार भी हैं। उन्होंने उसी वक्त उस लड़की को अपने बेटे मुकेश के जीवनसाथी के रूप में चुन लिया और शो खत्म होने के बाद धीरूभाई ने शो के आयोजकों से उनका डिटेल्स पूछी और उनका फोन नंबर लिया।

 

जब धीरूभाई घर पर पहुंचे तो उन्होंने नीता के घर पर फोन किया और उनको अपने बारे में बता कर उनसे बात करनी चाही। जिस पर नीता ने समझा कि कोई उनके साथ मजाक कर रहा है और उन्होंने फोन काट दिया। लेकिन थोड़ी देर बाद फिर फोन आने पर नीता ने कहा कि अगर आप धीरूभाई है तो मैं भी एलिजाबेथ टेलर हूं और फिर उन्होंने फोन काट दिया। लेकिन कुछ ही देर में तीसरी बार फोन आया तो इस बार नीता के पिता ने फोन उठाया और उन्होंने धीरूभाई अंबानी की आवाज को पहचान लिया और नीता को उनसे फोन करने के लिए कहा। नीता से धीरूभाई ने अपने ऑफिस आने के लिए कहा। ऑफिस पहुंचने पर उनकी पर्सनल रूचियां, पढ़ाई तथा अन्य बातों के बारे में पूछा और सीधे साफ शब्दों में कहा कि वो नीता को अपनी बहू बनाना चाहते हैं। उन्होंने नीता को घर आने का भी न्यौता दिया।

उस समय नीता अपना खर्चा चलाने के लिए 800 रुपए महीने की सैलरी पर एक स्कूल में पढ़ाती थीं। उन्हें बच्चों को पढ़ाने का बेहद शौक था। उन्हें इस बात का डर था कि शादी के बाद शायद उनका ये शौक उनसे छिन जाएगा। इस बात का खुलासा करते हुए उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि मुकेश के सामने शादी से पहले ये शर्त रख दी कि अगर वो उन्हें शादी के बाद भी स्कूल में पढ़ाने की इजाजत देते हैं तो ही वो इस शादी के लिए हां करेंगी। जिसके लिए मुकेश अंबानी ने हां कर दिया। दोनों की शादी हो गई। अमीर खानदान की बहू बनने के बाद नीता ने प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना जारी रखा।

इंटरव्यूमें के दौरान उन्होंने एक किस्सा भी बताया कि 1987 वल्र्ड कप के समय एक बच्चे के पेरेंट्स ने उनको वल्र्ड कप की दो टिकट लाकर दी थी लेकिन नीता अंबानी ने उन्हें लेने से साफ इंकार कर दिया था। जबकि कमाल की बात यह थी कि उस वल्र्ड कप का स्पॉन्सर रिलायंस ग्रुप ही था। वो मैच देखने के लिए प्रेसिडेंट बॉक्स में वीआईपी जगह पर बैठी हुई थी। वहीं पर उन बच्चो के पेरेंट्स ने उनको देख लिया और वह देख कर काफी हैरान रह गए। उन पेरेंट्स ने पूछा भी कि आप यहां पर कैसे तब जाकर उनको यह बात पता चली कि यह तो सबसे अमीर खानदान की बहू है और वह उन बच्चों के स्कूल में पढ़ाती हैं । उसके कुछ वक्त बाद ही नीता अंबानी ने स्कूल पढ़ाना छोड दिया और फिर वह अपने खुद के फैमिली बिजनेस पर फोकस करने लगी थी। और आज इस मंजिल तक पहंच गई हैं।

लाइक करें:-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>