अंतरजातीय विवाह करने पर, बैंक की प्रतिष्ठा को नुकसान, युवा दंपति को बैंक से निकाला

Jun 27, 2016

बेंगलुरु। देश की आईटी सिटी माने जाने वाले शहर बेंगलुरु से शर्मनाक खबर सामने आई है। ताजा मामले में बेंगलुरु की एक युवा दंपति को बैंक में नौकरी से इसलिए निकाल दिया गया क्योंकि उन्होने अंतरजातीय विवाह किया। बैंक की ओर से उन्हें यह कहकर ऑफिस आने को मना कर लिया गया कि उनके अंतरजातीय विवाह ने बैंक की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है। 31 वर्षीय राकेश मोगावीरा जाति के हैं और पत्नी ब्राह्मण समुदाय से हैं।

जानकारी के मुताबिक, दोनों बैंक में सेकेंड डिविजन कलर्क के रुप में काम कर रहे थे। राकेश पिछले 9 साल और उन्नति पिछले 3 सालों से बैंक में काम कर रही थी। दोनों शादी से तकरीबन डेढ़ साल पहले तक रिलेशनशिप में रह रहे थे।

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राकेश ने बताया कि वह शादी से तकरीबन डेढ़ साल पहले तक वह एक दूसरे के प्यार में थे। मैने उन्नति के पिता को बताया कि हम शादी करना चाहते हैं लेकिन वह पहले इसके लिए सहमत नहीं हुए। उन्नति के माता-पिता ने जब दूल्हे की तलाश शुरु की तो वह घबरा गए कि हमने शादी करने का फैसला किया है। हमने 22 नवंबर 2015 को शादी कर ली। लेकिन हमने शादी के रजिस्ट्रेशन के बाद 9 दिसंबर 2015 को अपने माता पिता को यह जानकारी दी। हमारा घर कई समस्याओं से गुजर रहा था। हम पुलिस सुरक्षा की तलाश कर रहे थे।

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राकेश ने बताया कि उसे और उन्नति को दस दिसंबर के बाद से बैंक में प्रवेश की अनुमति नहीं थी। संयोग से उन्नति कर्नाटक साहित्य परिषद के पूर्व अध्यक्ष और बैंक के चेयरमेन पुंडालिका हालांबी की भतीजी भी हैं। हालांबी का इसी साल अप्रैल 2016 में निधन हो गया था।

उन्नति ने कहा, मेरे चाचा चेयरमेन थे उन्होने हमें बताया था कि शादी परिवार और प्रत्येक के नुकसान का कारण बनेंगी और फिर हमने सुनिश्चित किया कि हम बैंक में प्रवेश नहीं करेंगे। अब दोनों बैंक में उनके काम की बहाली का इंतजार कर रहे हैं। राकेश अभी एक कैब ड्राइवर के रुप में काम कर रहा है।

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मीडिया से कुछ दबाव बनने के बाद राकेश ने कहा कि बैंक ने 27 जून को इस मसले पर चर्चा करने के लिए बुलाया है। यह पूछने पर कि क्या अब वह काम पर लौटेंगे? तो उन्होने कहा कि हम यह जोखिम ले रहे हैं लेकिन हम बात कर रहे हैं कि जातिगत भेदभाव गलत है।

होटल और उद्योगपति सहकारी बैंक के सीईओ श्याम सुंदर ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार किया।

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