ओबामा ने परमाणु हथियारों की सुरक्षा के लिए विश्व से की सहयोग की अपील

Apr 02, 2016

अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने परमाणु सुरक्षा सम्मेलन में परमाणु हथियारों की सुरक्षा के लिए विश्व से सहयोग की अपील की.

उन्होंने आतंकी हाथों में इन हथियारों को जाने से रोकने के लिए वैश्विक एकजुटता का आह्वान किया. ओबामा ने कहा, ‘इस्लामिक स्टेट के पागल लोगों और दूसरे अतिवादियों को परमाणु हथियार और रेडियोऐक्टिव ‘डर्टी बम’ प्राप्त करने से रोकना होगा. इसके लिए विश्व के सभी देशों को एक मंच पर आने को कोशिश करनी होगी.’ परमाणु सुरक्षा सम्मेलन में बोलते हुए ओबामा ने कहा, ‘इस वक्त समूचा विश्व परमाणु आतंक के खतरे की आशंका से भयभीत है.

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने वैश्विक परमाणु सुरक्षा शिखर बैठक में कहा कि इस्लामिक स्टेट के ‘मूर्ख लोग’ और अन्य अतिवादियों को परमाणु हथियार प्राप्त करने से रोकने के लिए और सहयोग की जरूरत है.

आतंकवादियों द्वारा परमाणु सामग्री का इस्तेमाल एक ‘‘डर्टी बम’’ में करने या एक परमाणु हथियार प्राप्त करने का खतरा सम्मेलन में छाया रहा विशेष तौर पर इस खुलासे के मद्देनजर, कि आईएस सदस्यों ने बेल्जियम के एक परमाणु वैज्ञानिक की वीडियो बनायी थी.

ओबामा ने कहा, ‘‘आईएसआईएल (आईएस समूह) रसायनिक हथियारों का इस्तेमाल पहले ही सीरिया और इराक में कर चुका है जिसमें मस्टर्ड गैस भी शामिल है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं यदि इन मूर्ख लोगों के हाथ में एक परमाणु बम या परमाणु सामग्री लग गई तो वे निश्चित तौर पर उसका इस्तेमाल अधिक से अधिक बेगुनाह लोगों को मारने के लिए करेंगे.’’ सम्मेलन में विश्व के बड़ी संख्या में नेताओं ने हिस्सा लिया. सम्मेलन का जोर परमाणु सामग्री के वैश्विक जखीरे को सुरक्षित करना है जिसमें से काफी हिस्से का इस्तेमाल चिकित्सकीय एवं उर्जा उद्योग में होता है.

ओबामा ने कहा कि करीब दो हजार टन विखंडनीय सामग्री के अंबार विश्व में असैन्य एवं सैन्य प्रतिष्ठानों में हैं जिसमें से कुछ उचित सुरक्षा के बिना हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘प्लूटोनियम का एक छोटा सा हिस्सा, करीब एक सेब के आकार से हजारों बेगुनाह व्यक्तियों की हत्या की जा सकती है और उन्हें घायल किया जा सकता है.’

ओबामा ने कहा, ‘‘वह एक मानवीय, राजनीतिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय तबाही होगी जिसके वैश्विक प्रभाव दशकों तक रहेंगे.’’ परमाणु सुरक्षा सम्मेलन का आयोजन पेरिस और ब्रसेल्स में हमलों के बाद हो रहा है जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे.

सम्मेलन का मुख्य जोर विखंडनीय पदार्थ के जखीरे पर है लेकिन अन्य परमाणु चिंताओं ने भी ध्यान आकषिर्त किया है जिसमें उत्तर कोरिया और उसके द्वारा लगातार परमाणु उपकरण एवं बैलैस्टिक मिसाइलों का परीक्षण करना शामिल है.

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