अब बिहार के एक आश्रम की खुली पोल, साध्वियों को बंधक बनाकर किया जा रहा था दुष्कर्म

Jan 12, 2018
अब बिहार के एक आश्रम की खुली पोल, साध्वियों को बंधक बनाकर किया जा रहा था दुष्कर्म

पिछले दिनों दिल्ली और राजस्थान में हिन्दू धर्मगुरुओं से जुड़े आश्रमों में धर्म और आस्था के नाम पर हो रहे कुकर्मों का खुलासा हुआ है। लेकिन अभी ये मामला चल ही रहा था कि एक और आश्रम की सच्चाई ने लोगों के सामने आ गई है जहाँ साध्वियों से आश्रम में बलात्कार का मामला सामने आया है।

बता दें कि ये मामल बिहार के नवादा का है। जहाँ के एक आश्रम में सेवादारों ने साध्वियों के साथ रेप किया। मिली जानकारी के मुताबिक जिले के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र के बहियारा मोड़ स्थित आश्रम में यह घटना घटी है। ऐसा बताया जा रहा है कि घटना पिछले महीने 12 से 17 दिसंबर की है और आश्रम में कार्यरत तीन सेवादारों ने पिस्टल का भय दिखाकर साध्वियों से दुष्कर्म किया। पीड़ित साध्वियों में से एक बिहार के गया जिले की जबकि दो उत्तर प्रदेश की निवासी बताई जा रही हैं। पीड़ित साध्वियों के अनुसार, बस्ती जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के सेलरा गांव निवासी कल्पनाथ चौधरी, गिरिजाशंकर चौधरी, तपस्यानंद व अजीत चौधरी ने उनके साथ बलात्कार किया है।

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पीड़ित साध्वियों ने इस घटना के बारे में बताया कि, ‘ये सब 12 दिसंबर को अपने कमरे में खाना बना रही थीं। उसी दौरान कुछ लोग जबरदस्ती दरवाजा खोलकर कमरे के अंदर घुस आये और वो लोग इनके साथ गाली गलौज करते हुए पकड़ लिया और दूसरे कमरे के अंदर खींचकर ले गए। जब बाकी साध्वी को एक-एक कर कमरे में ले गए और हथियार के बल पर एक-एक कर उनके साथ रेप करने लगे। कुछ लोग वहां हथियार लेकर खड़े रहे। इन्होंने घटना को अंजाम देने के बाद इन्हें जान से मारने की धमकी दी और इन तीनों साध्वियों को आश्रम में ही बंधक बनाये रखा।

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लेकिन किसी तरह से पीड़ित साध्वियां वहां से अपने घर जाने में कामियाब हो गईं। मगर डर की वजह से उन्होंने चुप रहना ही सही समझा। लेकिन जब आश्रम के अन्य सेवादारों को इसका पता चला तो उन्होंने इसकी सुचना पुलिस को दी। उसके बाद पुलिस ने साध्वियों के बुलाया और पूरी घटना की कहानी सामने आने के बाद 4 जनवरी 2018 को गोविन्दपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी। पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी फरार हैं। जिनकी तलाश की जा रही है।

साध्वियों ये भी बताया कि वह लोग छह साल से आश्रम में रह रही हैं। आश्रम में कई प्रदेशों के पुरुष व महिला सदस्य रहते हैं। पीड़िता ने ये भी बताया कि आश्रम में करीब 40-50 की संख्या में महिला और दो दर्जन के करीब पुरुष सदस्य हैं। यहां से पश्चिम बंगाल, यूपी और झारखंड के साथ अन्य प्रदेशों में प्रवचन करने के लिए साध्वी जाती हैं। यहां कार्तिक, माघ व वैशाख महीने की पूर्णिमा को सच्चितानंद पहुंचकर प्रवचन देते हैं। इस शर्मनाक घटना के सामने आते ही बिहार में हड़कंप मच गया।

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