आतंकियों की सुरक्षा में वानी के पिता, अब बहन भी आएगी लड़ाई में

Aug 07, 2016

श्रीनगर। हिजबुल कमांडर बुरहानी वानी की मौत को सोमवार आठ जुलाई को एक माह पूरा हो जाएगा। एक माह बाद भी घाटी के माहौल में कोई तब्‍दीली नहीं है। साउथ कश्‍मीर के त्राल के रहने वाले वानी के पिता मुजफ्फर वानी को अब आतंकी सुरक्षा दे रहे हैं। इंग्लिश न्‍यूजपेपर टाइम्‍स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक वानी के पिता ने ऐलान कर दिया है कि अब कश्‍मीर के संघर्ष में उनकी बेटी भी आगे आएगी।

पिता ने भी बताया बेटे को शहीद

वानी के पिता को अपने बेटे की मौत का भी कोई गम नहीं है। उनका कहना कि उनका बेटा कश्‍मीर की आजादी की लड़ाई में शहीद हुआ है और अब उनकी बेटी इसी आजादी की लड़ाई का हिस्‍सा बनेगी।

बुरहान वानी की तरह अब उनके पिता मुजफ्फर वानी भी कश्‍मीर की लड़ाई का एक बड़ा चेहरा बन चुके हैं। शुक्रवार को कश्‍मीर के पंपोर में एक बड़ी रैली की जिसमें हजारों लोगों की भीड़ शामिल हुई जिसे मुजफ्फर वानी ने भी संबोधित किया।

कश्‍मीर में बना एक नया ग्रुप

इस रैली में हुर्रियत के कई नेता जिनमें सैय्यद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारुक और यासीन मलिक जैसे लोगों ने शिरकत की। इस रैली को ‘दरगाह चलो’ नाम दिया था और माना जा रहा है कि घाटी में लगे कर्फ्यू की वजह से भीड़ कम थी।

कई लोग कर्फ्यू की वजह से रैली में नहीं पहुंच सके थे। बुरहान वानी की मौत के बाद से कश्‍मीर में अलगाववादियों का एक नया ग्रुप बन चुका है।

अब बेटी की बारी

रैली में मुजफ्फर वानी ने कहा था कि वह भारत द्वारा ‘कब्जे’ में लिए गए कश्मीर के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए अपनी इकलौती बेटी भी देने को तैयार हैं। मुजफ्फर ने यह भी कहा कि इस लड़ाई में अपने दोनों बेटों को खो देने का उन्हें कोई गम नहीं है।

बुरहान वानी का भाई खालिद भी वर्ष 2010 में हुए एक एनकाउंटर में मारा गया था। वानी की मौत के बाद घाटी के हालात सामान्‍य होने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। अब तक करीब 55 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों की संख्या में लोग घायल हैं।

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