नोटबंदी का असर: युवक ने लगाई फांसी, कहता था- अपने ही पैसो के लिए भिखारियों जैसे लाइन में लगना पड़ता है

Nov 23, 2016
नोटबंदी का असर: युवक ने लगाई फांसी, कहता था- अपने ही पैसो के लिए भिखारियों जैसे लाइन में लगना पड़ता है

बांदा देहात कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार सुबह बीएससी सेकंड ईयर के स्‍टूडेंट सुरेश कुमार की बॉडी उसके घर में फांसी के फंदे से झूलता मि‍ला। परिजनों का कहना है कि पैसे की तंगी से वह कई दि‍न से टेंशन में था। गांव वालों ने बताया कि सुरेश कहता था अपने ही पैसे के लिए भिखारियों की तरह लाइन में लगना पड़ रहा है। बेटे की लाश देखकर पिता का बुरा हाल है। मृतक सुरेश के पि‍ता लल्‍लूराम बांदा पॉलि‍टेक्निक में फोर्थ ग्रेड इम्‍प्‍लॉई हैं। पिता का कहना है कि नोटबंदी के बाद घर में पैसे की तंगी थी। पुराने नोट बैंक में जमा किए थे, लेकिन बैंक से पैसे नहीं निकल पा रहे थे।

सुरेश पिछले 5 दिन से अपनी पढ़ाई छोड़ बैंक में लाइन लगाता था लेकिन उसका नंबर आने पर पैसा खत्म हो जाता था। सुरेश सोमवार को बहुत परेशान था। इसी कारण उसने खुदकुशी की है। मौके पर पहुंचे एसडीएम प्रहलाद सिंह का कहना है कि मृतक कुछ पहले से बीमार भी बताया जा रहा है। गांव वालों के बताने के हिसाब से बैंक में कई दिन से लाइन लगाने से भी दुखी था। वही एसडीएम का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर जांच कराई जा रही है।

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