अगले हफ्ते नीलगायों, बंदरों को मारने के विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

Jun 15, 2016

बिहार में विशेष शूटर से 250 से अधिक नीलगाय को मारे जाने के बाद केंद्र सरकार की अधिसूचना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है.

इसमें मांग की गई है कि नीलगाय, बंदर, जंगली सुअर को हिंसक जानवर (वर्मिन) घोषित करने की केंद्र की अधिसूचना पर रोक लगाई जाए.

इस मामले पर गौरी मुलेखी और NGO ‘फेडरेशन ऑफ इंडियन एनिमल प्रोटेक्शन’, ‘वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू एंड रिहबिलिटेशन’ द्वारा याचिका दायर की गई थी. याचिका में इस पर रोक की मांग की गई है.

याचिका में कहा गया है कि बिहार, हिमाचल, और उत्तराखंड में नीलगाय आदि जानवरों को नुकसान पहुंचाने के नाम पर मारा जा रहा है जोकि गलत है और इस पर रोक लगायी जानी चाहिए.

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याचिका में केंद्र के नोटिफिकेशन को गैरकानूनी बताया गया है और इस नोटिफिकेशन पर रोक लगाने की मांग की है जिसके तहत इन जानवरों को मारा जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट अब अगले हफ्ते इस मामले पर सुनवाई करेगा.

गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ही पर्यावरण, वन और जलवायु परिर्वतन मंत्रालय ने नीलगाय, बंदर, जंगली सुअर को मारने पर लगे प्रतिबंध को समाप्त कर दिया था. यह नियम एक साल के लिए लागू किया गया.

पर्यावरण एवं वन विभाग ने केंद्र सरकार को कहा था कि इन दिनों जानवरों के कारण जान-माल का काफी नुकसान हो रहा है, इसलिए इन्हें वन्य जीव संरक्षण अधिनियम से बाहर किया जाये.

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केंद्र सरकार ने इस मांग को मानते हुए इन दोनों जानवरों को अनुसूची 3 से हटाकर 5 में शामिल करने की स्वीकृति देते हुए अधिसूचना जारी कर दी.

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