कभी भी नजरअंदाज नहीं करनी चाहिए बच्चो की ये आदते

Apr 07, 2017
कभी भी नजरअंदाज नहीं करनी चाहिए बच्चो की ये आदते

आजकल के छोटे-छोटे बच्चे भी झूठ बोलना बखूबी जानते हैं। मां बाप के डर से अपने आप को बचाने के लिए हमेशा झूठ बोलकर बच जाते हैं हालांकि उनका झूठ उन की मां बाप के सामने आ जाता है परंतु मां बाप उनको हल्के में ले लेते हैं। आपने देखा होगा कि 3 से 5 साल के बच्चे बहुत झूठ बोलते हैं छोटी छोटी बातों पर झूठ बोलना शुरु कर देते हैं ऐसे मैं आप उनके झूठ को पकड़े और उसको कभी भी हल्के में ना लें। क्योंकि आरंभ में तो आपको परेशानी नजर नहीं आएगी परंतु बाद में वह हर बात पर झूठ बोलने लगते हैं।

खुद में लाएं बदलाव हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत झूठ बोलते हैं वह छोटी से छोटी बात पर झूठ बोलते हैं। चाहे वह अपने दोस्तों से गॉसिप करते समय झूठ बोले या फिर ट्रैफिक पुलिस के साथ किसी बात को लेकर झूठ बोले तो इस तरह की बातें सुनकर बच्चों को भी झूठ बोलने का मन होता है। उन्हें लगता है कि अगर हमारे मां बाप झूठ बोलकर किसी चीज से बच रहे हैं तो क्या हम झूठ नहीं बोल सकते। इसलिए हमें इस बात में अपने आप में बदलाव लाना चाहिए। बच्चों से प्यार से बात करें कई बार बच्चे काफी वजह से झूठ बोलते हैं। जैसे कहीं उन का मजाक ना बन जाए इसलिए झूठ बोलते हैं या फिर वह मां बाप के डर से भी बहुत झूठ बोल जाते हैं।

उनका असली कारण यह होता है कि वह डर जाते हैं कि कहीं हमारे मां बाप हमारी सच्चाई जानकर हमें मारे या पीटे नहीं। इसलिए बेहतर होगा कि आप उन्हें उनके झुठ में साथ ना दे। क्यों नहीं प्यार से समझाएं। हर मुमकिन कोशिश करें जिससे वह समझ जाए। उनको कभी भी धमकाए नहीं और मारे पिटे नहीं।

सच का महत्व बताएं बच्चों को यह बात बोल देना आप की झूठ बोलना गलत बात है झूठ बोलना पाप है यह काफी नहीं होता है। इसके लिए आपको उन्हें समझाना होगा कि सच बोलना कितना जरूरी है। क्योंकि अगर बच्चा बार-बार झूठ बोलेगा तो वह खुद अपने ऊपर से भरोसा खो बैठेगा और अगर कोई बच्चा बार बार झूठ बोलता है तो कोई भी उस पर विश्वास नहीं करता। अगर वह किसी खतरे में भी होकर सच में सच बोल रहा है तो लोग उस पर विश्वास नहीं करता। तो इसीलिए उनको सच का महत्व बताएं कि सच बोलने से कितना फायदा होता है और हमेशा उन्हें प्यार से समझाने की कोशिश करें।

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