नेपाल: आम सहमति से प्रधानमंत्री चुनने का प्रयास विफल

Aug 01, 2016

नेपाल में आम सहमति से प्रधानमंत्री चुनने का प्रयास विफल होने के बाद अब संसद यह चुनाव बुधवार को बहुमत के आधार पर करेगी.

नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने देश के तीन प्रमुख राजनीतिक दलों से भेंट के बाद उन्हें आम सहमति से प्रधानमंत्री का चुनाव करने को कहा था लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी नेपाल (एकीकृत मार्क्‍सवादी-लेनिनवादी) के विपक्ष में बैठने के फैसले के बाद राष्ट्रीय सरकार के गठन और आम राय से प्रधानमंत्री चुनने का प्रयास विफल हो गया.

राष्ट्रपति द्वारा आम राय के लिये निर्धारित समय सीमा के रविवार को समाप्त हो जाने के बाद कम्युनिस्ट पार्टी नेपाल (माओवादी-सेन्टर) के नेता पुष्प कमल दहल प्रचंड ने उनसे कहा कि अब आम सहमति के लिए समय सीमा बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है.

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संसद से प्रधानमंत्री के चुनाव के लिए संसद के महासचिव की अध्यक्षता में पैनल बताया जाएगा और मंगलवार को प्रत्याशियों के नामों का प्रस्ताव किये जाने के बाद बुधवार को चुनाव कराया जायेगा.

संसद की सबसे बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस तथा कम्युनिस्ट नेपाल (माओवादी-सेन्टर) के अतिरिक्त कुछ अन्य दलों के साथ आ जाने के कारण अब बहुमत इसके साथ है और नया प्रधानमंत्री इसी गठबंधन का बनना निश्चित है.

इस गठबंधन ने पुष्प कमल दहल प्रचंड को अपने प्रधानमंत्री बनाने का फैसला पहले ही कर लिया था. इसी कारण अब प्रचंड का अगला प्रधानमंत्री बनना तय है.

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