आतंक पर लगाम लगाने में राजग सरकार नाकाम, मोदी अब भी हैं अंतिम आस: उद्धव

Jul 26, 2016

केंद्र सरकार पर हमला जारी रखते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि वह आतंक पर कड़ाई से लगाम लगाने के अपने वादे को पूरा करने में नाकाम रही है.

हालांकि उन्होंने आशा जताई कि नरेंद्र मोदी सरकार ‘‘सबकुछ ठीक कर देगी’’ क्योंकि देश की ‘‘आखरी उम्मीद’’ उन्हीं पर टिकी है.
उद्धव ने कहा कि सरकार ने ‘‘आतंक पर नरम रूख’’ अपना रखा है. उन्होंने कहा कि वे इसके विशेषज्ञ तो नहीं हैं लेकिन वे देश और देश की जनता की नब्ज महसूस कर सकते हैं.
पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में सोमवार को अपने साक्षात्कार के दूसरे भाग में उद्धव ने कहा, ‘‘देश में आतंकी हमलों या कट्टरपंथ की जो भी घटनाएं हो रही हैं, मुझे लगता है कि यह सरकार उनसे अच्छी तरह निबट सकती है खासकर इसलिए क्योंकि वह सत्ता में दो साल पूरे कर चुकी है. लेकिन मुझे उम्मीद है कि मोदी सबकुछ ठीक कर देंगे.’’
कश्मीर के हालात और ‘‘भारत के आंतरिक मामलों में पाकिस्तान के बढ़ते दखल’’ के मसले पर उन्होंने कहा, ‘‘इसके पीछे क्या वजह है यह हम सभी जानते हैं. ऐसे समय हमें संतों की बताई बात याद आती है..कथनी और करनी एक होना. ऐसा करने वाले लोग सम्मानीय हैं. दुर्भाग्य से भारत को अभी तक ऐसा शासक नहीं मिला है जिसकी कथनी और करनी समान हो (आतंक को खत्म करने के बारे में).
यह पूछे जाने पर कि महाराष्ट्र में उनकी पार्टी भी महाराष्ट्र तथा केंद्र में सत्ता में साझेदार है फिर वे सरकार पर हमलावर क्यों होते हैं तो 56 वर्षीय नेता ने कहा, ‘‘सरकार को लेकर हमारा कदम बिलकुल स्पष्ट है. हम चाहते हैं कि यह सरकार आराम से चले ताकि देश और लोगों के साथ जो वादे किए गए हैं वह पूरे किए जा सकें. लेकिन जब हमें लगता है कि सरकार अपने रास्ते से भटक रही है तो हमें उसके बारे में आवाज उठाने का पूरा अधिकार है.’’
उद्धव ने कहा, ‘‘मोदी सरकार देश की आखिरी उम्मीद है इसलिए हम संपर्क में हो या ना हो, इस बात से इतर सरकार को अच्छा काम कर खुद को साबित करना चाहिए.’’
उन्होंने उन अटकलों को खारिज कर दिया कि राज्य और केंद्र में मंत्री पदों के आवंटन को लेकर शिवसेना और भाजपा के बीच मतभेद हैं.
शिवसेना प्रमुख ने कहा, ‘‘कौन कहता है कि हमें सही विभाग नहीं मिले. मीडिया है जो बेवजह यह ढोल पीट रहा है.’’
उन्होंने कहा कि उनके और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच कोई खटास नहीं है ‘‘लेकिन भाजपा को (दिल्ली में) पार्टी के उच्चाधिकारियों और मुख्यमंत्री एवं हमारे बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए कुछ करना चाहिए.’’
शिवसेना नेता ने साथ ही पिछले दो सालों के अपने कामकाज को प्रचारित करने के लिए कोई कसर ना छोड़ने के मोदी सरकार के कदम का भी बचाव किया.
उन्होंने कहा, ‘‘एक निश्चित सीमा तक अपनी सरकार की उपलब्धियों का प्रचार करना ठीक है ताकि देश के लोगों का पता हो कि वे किस दिशा में जा रहे हैं.’’
उद्धव ने कहा, ‘‘लेकिन यह (विज्ञापन) कुछ ही समय तक चल सकता है. अंत में अगर आज आपने काम नहीं किया तो कल आप मुश्किल में होंगे.’’
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लगता है कि देश की अर्थव्यवस्था गलत रास्ते पर है, उन्होंने कहा, ‘‘मैं ऐसा नहीं सोचता. अगर कुछ चीजों (योजनाएं) में समय लगता है तो आपको मनमाफिक परिणाम हासिल करने के लिए इंतजार करना पड़ेगा. मैं मानता हूं कि अर्थव्यवस्था के पुनरूद्धार में कुछ समय लगेगा लेकिन हमें कम से कम ऐसा महसूस होना चाहिए कि हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं.’’
उद्धव ने कहा, ‘‘चाहे वह मेक इन इंडिया, अच्छे दिन, स्टैंड अप इंडिया हो या स्किल इंडिया, इन्हें खूब धूमधाम से शुरू किया गया लेकिन, क्या उनके कार्यान्वयन के लिए कोई रोडमैप है? क्या बेरोजगारों को रोजगार मिला?’’
साक्षात्कार के शुरूआती हिस्से में शिवसेना प्रमुख ने रविवार को कश्मीर की स्थिति से निपटने के केंद्र के तरीके पर सवाल उठाया था और भाजपा पर हिन्दुओं को ‘‘निराश’’ करने का आरोप लगाया था. उन्होंने साथ ही कहा कि देश में ‘‘उलझन की स्थिति’’ बनी हुई है.
उन्होंने कहा, ‘‘इसके (कश्मीर की स्थिति) लिए कौन जिम्मेदार है? अमरनाथ यात्रा निलंबित कर दी गयी, हिन्दुओं को पीटा जा रहा है, जवानों पर हमले हो रहे हैं. सब उम्मीद कर रहे थे कि सरकार बदलने के बाद हालात बदल जाएंगे.’’

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