संयुक्त राष्ट्र संघ ने कश्मीर में पर्यवेक्षक पर दिए बयान से मारी पलटी

Aug 03, 2016
संयुक्त राष्ट्र संघ ने कश्मीर में पर्यवेक्षक की भूमिका वाले बयान से पल्ला झाड़ लिया है।

वाशिंगटन, आइएएनएस। संयुक्त राष्ट्र ने कश्मीर में पर्यवेक्षक की भूमिका संबंधी बयान से पलटी मार दी है। पहले उसने कहा था कि भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक ग्रुप (यूएनएमओजीआइपी) कश्मीर में हालात की निगरानी कर रहा है। अब उसने स्पष्ट किया है कि पर्यवेक्षक मिशन की भूमिका भारत और पाकिस्तान की सेना के बीच नियंत्रण रेखा तक सीमित है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने मंगलवार को रोजाना होने वाले प्रेस कांफ्रेंस में यह स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि यूएनएमओजीआइपी शांति सेना अभियान नहीं है। वह सीमित अधिकारों वाला पर्यवेक्षक मिशन है। उसका काम नियंत्रण रेखा का पर्यवेक्षण और दोनों देशों की सेनाओं से जुड़ी गतिविधियों की रिपोर्ट करना है।

इससे पहले सोमवार को उप प्रवक्ता फरहान हक ने कहा था कि अपने मॉनिटरिंग ग्रुप के जरिये हम हालात पर निगरानी जारी रखेंगे। भारत संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षक ग्रुप को 1972 के शिमला समझौते के बाद अप्रासंगिक मानता है।

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