लगातार पिछले 9 सालों से फेल हो रहे हैं 82 छात्र, यूनिवर्सिटी ने मांगी हार

Jun 23, 2016
12 से 15 प्रयासों के बावजूद गुजरात यूनिवर्सिटी के 82 छात्र अपने बैचलर ऑफ इंजिनियरिंग परीक्षा में सफल नहीं हो पाए। यूनिवर्सिटी भी इन्‍हें पास कराने के लिए तमाम प्रयास कर हार गयी

अहमदाबाद। एक, दो बार फेल हो सकते हैं पर तीसरी बार तो पास हो ही जाना है लेकिन गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के 82 छात्रों ने पास न होने की कसम खा ली है। लगातार 9 सालों से फेल होते आ रहे ये 82 छात्र यूनिवर्सिटी पर बोझ बन गए हैं। अब गुजरात यूनिवर्सिटी ने इस बोझ को हल्का करने की योजना बना ली है। छात्रों को इस बार चेतावनी दी है कि यदि वे फेल होते हैं तो अगली बार परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्हें नये सत्र के साथ शुरुआत करना होगा।

पिछले 9 सालों से लगातार इंजिनियरिंग परीक्षा में फेल हो रहे 82 छात्रों का उदाहरण अनोखा है। यहां तक कि इनकी मदद के लिए यूनिवर्सिटी ने कुछ कदम भी उठाए जैसे वेबसाइट पर क्वेश्चन बैंक अपलोड कर दिया। परीक्षा में पूछे जाने वाले सवाल भी इसमें से ही होते हैं लेकिन ये छात्र असफल हैं। इनमें से कई तो अब नौकरी में हैं। यह घटना यूनिवर्सिटी के आस-पास मजाक बन गया है। इन लोगों को यूनिवर्सिटी ने नकल की भी अनुमति दे दी।

गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी ने इस बार घुटने टेक दिए और इन छात्रों को चेतावनी भी दी है। यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी ने कहा, ‘2007 में गठित यूनिवर्सिटी स्वयं ही परीक्षा आयोजित करती है। इन 82 स्टार परफार्मर को छोड़ अब तक सभी छात्र सफल हुए हैं और नौकरियों में भी हैं। ऐसा लगता है कि यूनिवर्सिटी इन्हें परीक्षा में सफल कराने के लिए आतुर है लेकिन ये छात्र नहीं। हम क्या कर सकते हैं?

फिलहाल ये 82 छात्र 24 जून तक परीक्षा दे रहे हैं, इसके लिए उन्हें एलडी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग जाना होता है क्योंकि परीक्षा केंद्र वहीं है। हालांकि इनमें से कुछ ही छात्र परीक्षा दे रहे हैं बाकि अनुपस्थित हैं। परीक्षा हॉल से ये मात्र एक से डेढ़ घंटे में निकल जाते हैं जबकि परीक्षा के लिए आवश्यक समय तीन घंटे है।

परीक्षा फीस बढ़ाते हुए यूनिवर्सिटी ने सोचा कि शायद इससे उन्हें कोई फर्क पड़े। इन 82 छात्रों में से एक जो आठ पेपर में फेल है उसने 40,000 रुपये की रकम परीक्षा फीस के तौर पर भरा है। वाइस चांसलर एम एन पटेल ने कहा, ‘हमने उनके लिए काफी रियायतें दी ताकि वे उतीर्ण हो सके। लेकिन अभी भी वही समस्या है। हमने इस बार इन सब के लिए चेतावनी दे दी है , अगले साल से वे परीक्षा नहीं दे सकेंगे। नियम के अनुसार एक छात्र को परीक्षा में दो बार से अधिक का मौका नहीं दिया जाता है लेकिन हमने 15 मौके दिए क्योंकि हम भविष्य नहीं बिगाड़ना चाहते हैं।‘

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