बाजार के दबाव में घटे सरकारी दाल के दाम

Sep 07, 2016
बाजार के दबाव में घटे सरकारी दाल के दाम
जिंस बाजार के दवाब में सरकार ने अरहर दाल के मूल्य में 15 रुपये प्रति किलो की कमी का एलान कर दिया है।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पुराने स्टॉक के बाजार में उतरने से दाल की कीमतों में गिरावट का रुख देखकर सरकारी एजेंसियों को भी दालों के मूल्य में कटौती करने को बाध्य होना पड़ा है। जिंस बाजार के दवाब में सरकार ने अरहर दाल के मूल्य में 15 रुपये प्रति किलो की कमी का एलान कर दिया है। आयातित दाल का भारी स्टॉक, सरकार का सख्त रुख और खरीफ में दलहन बुवाई का बढ़ा रकबा देख जमाखोरों के होश उड़ गए हैं।

मई और जून में बोई गई मूंग बाजार में पहुंच गई है। इसे देखते हुए कर्नाटक और महाराष्ट्र के बाजारों में मूंग की कीमत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से भी नीचे आ गया था। इसके मद्देनजर केंद्रीय खरीद एजेंसियां तत्काल हरकत में आ गई हैं। उन्होंने मूंग की सरकारी खरीद की तैयारियां पूरी कर ली हैं। मूंग पर 4,850 रुपये के एमएसपी के साथ 425 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस भी देने का फैसला किया गया है। इस तरह किसान से 5,275 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीद की जाएगी। इस फैसले को एक महीने पहले यानी एक सितंबर से लागू किया जा रहा है। पहले सरकारी खरीद एक अक्टूबर से शुरू होनी थी। इसके साथ ही राजस्थान, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में दलहन खरीद की तैयारियों को नैफेड ने अंतिम रूप दे दिया है।

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खुले बाजार में घटती कीमतों को देखते हुए केंद्र ने भी सरकारी एजेंसियों के मार्फत बिक रही दालों के मूल्य में कटौती का एलान कर दिया है। सबसे महंगी बिक रही अरहर दाल का मूल्य 120 रुपये से घटकर 105 रुपये किलो कर दिया गया है। कृषि भवन में मंगलवार को आयोजित अंतर मंत्रालयी बैठक में यह फैसला लिया गया है। बैठक में सरसों तेल और गेहूं के मूल्य में तेजी के रुख को गंभीरता से लिया गया। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआइ) की ओर से कुछ आशंकाएं जताई गई हैं। इसको लेकर गुरुवार को कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में मंहगाई पर होने वाली बैठक में विस्तार से चर्चा की जा सकती है।

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खरीफ मौसम में दलहन की जोरदार पैदावार का अनुमान लगाया जा रहा है। जमाखोरों पर दबाव बनाने की खातिर छापेमारी की कार्रवाई की गई। वहीं बफर स्टॉक बनाने का ऐतिहासिक फैसला किया गया। आयात सौदों को प्रोत्साहन दिया गया। लिहाजा घरेलू बाजार के जमाखोर दबाव में आ गए। उनकी बिकवाली के चलते बाजार में दालों के मूल्य में तेजी से गिरावट का रुख बनने लगा है। हालांकि उपभोक्ता मामले व खाद्य मंत्रालय के अफसर इससे हैरान हैं कि इतनी छापेमारी के बावजूद जमाखोरी को रोक पाना संभव नहीं हो पाया।

खरीफ में होगी दलहन की बंपर पैदावार

जलगांव, रायटर : भारत में खरीफ की दलहन पैदावार नया रिकॉर्ड बनाने जा रही है। सरकार ने खरीफ के उत्पादन का कोई अनुमान जारी नहीं किया है, मगर किसानों की ओर से दलहन की बुवाई को देखते हुए बंपर पैदावार की उम्मीद है। इंडिया पल्सेज एंड ग्रेन एसोसिएशन के चेयरमैन प्रवीण डोंगरे का अनुमान है कि इस साल खरीफ में दलहन का उत्पादन 40 फीसद बढ़कर 78 लाख टन तक हो सकता है। इस कारण दालों के दाम घटेंगे तो महंगाई दर भी नीचे आएगी। अलबत्ता इससे किसानों की मुश्किल बढ़ सकती है।

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