जानिए, भारत वायुसेना से जुड़ी 10 अहम बातें

Jun 18, 2016
आज पहली बार वायुसेना के जंगी बेड़े में देश की तीन बहादुर बेटियों को शामिल किया गया है। इस मौके पर हम आपको भारतीय वायुसेना से जुड़ी 10 रोजक बाते बताने जा रहे हैं।

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के गौरवशाली इतिहास में आज का दिन भी एतिहासिक दिन के रूप में दर्ज किया जाएगा क्योंकि आज पहली बार वायुसेना के जंगी बेड़े में देश की तीन बहादुर बेटियों को शामिल किया गया है। इस मौके पर हम आपको भारतीय वायुसेना से जुड़ी 10 रोजक बाते बताने जा रहे हैं।

भारतीय वायुसेना भारतीय आर्म्ड फोर्स की शाखा के तौर पर 8 अक्टूबर 1982 को अस्तित्व में आई थी जिसका मुख्य कार्य हमले के समय भारतीय वायुसीमा को हमले से बचाना था।

1. भारतीय वायुसेना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना है। दुनियाभर में सिर्फ अमेरिका, चीन और रूस के पास भारत से बड़ी वायुसेना मौजूद है।

2. ताकत के मामले में भी वायुसेना किसी भी देश से पीछे नहीं है। दुनियभर में भारतीय वायुसेना सातवीं सबसे शक्तिशाली सेना मानी जाती है।

3. भारतीय वायुसेना के 60 से ज्यादा एयरबेस हैं जोकि भारत के हर कोने में स्थित हैं।

4. वायुसेना का वेस्टर्न कमांड सबसे बड़ा एयर कमांड है जहां 16 एयरबेस स्टेशन मौजूद हैं।

5. सियाचिन ग्लेशियर पर मौजूद एयरफोर्स स्टेशन भारतीय एयरफोर्स का सबसे उंचाई पर मौजूद एयरबेस है जोकि जमीन से 22000 फीट की उंचाई पर मौजूद है।

6. तजाकिस्तान के पास फर्कहोर एयरबेस स्टेशन भारत का पहला ऐसा एयरफोर्स स्टेशन है जोकि विदेशी जमीन पर मौजूद है।

7. साल 1990 में पहली बार महिलाओं को भी सशस्त्र बल में शामिल किया गया लेकिन उन्हें शार्ट सर्विस कमीशन ऑफिसर के तौर पर सिर्फ 14 से 15 साल तक ही सर्विस दी गई। इसके अलावा महिलाओं को समुंद्र में होने वाली लड़ाईयों में जाने की या फिर गोलीबारी करने वाले दल में शामिल होने की इजाजत नहीं दी गई थी।

8. साल 1990 में ही पहली बार चॉपर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट उड़ाने वाले दल में महिलाओं को शामिल किया गया।

9. भारतीय वायुसेना का मानना था कि महिलाएं फाइटर पायलट बनने के लिए शारीरिक तौर पर फिट नहीं हैं खासकर जब वो गर्भवती होती हैं या फिर जब उन्हें दूसरी स्वास्थ संबंधी परेशानियां होती हैं।

10. इंडियन एयरफोर्स के लडाकू पायलट विंग में शामिल होने के लिए तीन चरणों से होकर गुजरना पड़ता है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक ट्रेनिंग इन तीन चरणों से होकर गुजरती है।

– पहला स्टेज में एयरफोर्स अकादमी दुंगदीगुल हैदराबाद में 6 महीने में कम से कम 55 घंटों का स्विस पिलाटुस पी-7 बेसिक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट उड़ाने का अनुभव होना चाहिए।

– दूसरे स्टेज में तेलंगाना के हकीमपेट में 6 महीने के भीतर 87 घंटे तक किरेन एयरक्राफ्ट उड़ाने का अनुभव होना चाहिए।

– तीसरे स्टेज में बिदर या कलाईकांडु में एक साल के भीतर 145 घंटे तक हाक एडवांस्ड ट्रेनर जेट उडा़ने का अनुभव होना चाहिए।

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