…तो इसलिए खुश नहीं टीनेजर्स, सर्वे में हुआ खुलासा

Sep 08, 2016
…तो इसलिए खुश नहीं टीनेजर्स, सर्वे में हुआ खुलासा
गुड चाइल्डहुड 2016 की रिपोर्ट्स की माने तो अब अपने पहनावे और दिखावट को लेकर लड़कियां पहले से ज्यादा नाखुश हैं।

लंदन। शहर में टीनेजर्स को लेकर हाल ही में एक सर्वे किया गया। जिसमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आई है। 10 से 15 साल की उम्र की लगभग 7 लाख लड़कियों पर उनकी लाइफ स्टाइल पर सर्वे किया गया। गुड चाइल्डहुड 2016 की रिपोर्ट्स की माने तो अब अपने पहनावे और दिखावट को लेकर लड़कियां पहले से ज्यादा नाखुश हैं। वहीं जेंडर गैप जैसा सामाजिक मुद्दा भी उनके बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

वहीं यूके की एक तिहाई से ज्यादा लड़कियां अपने लुक्स को लेकर नाखुश हैं। गौरतलब है कि खुद से संतुष्ट न होने का ये आंकड़ा पिछले 5 साल में लगभग 30 फीसदी तक बढ़ा है। हालांकि लड़के इस मामले में अपने बारे में अब भी वहीं राय रखते हैं। लुक्स और अपने दिखावट को लेकर पहले की ही तरह 20 फीसदी लड़के संतुष्ट नहीं हैं। अपनी जिंदगी से नाखुश लड़कों की भी संख्या में कोई बदलाव नहीं आया है। ताजा सर्वे के मुताबिक 11 फीसदी लड़कें आज भी ऐसे ही जो ये मानते है कि वो बदतर जिंदगी गुजार रहे हैं। वहीं ऐसी लड़कियों की संख्या में आश्चर्यजनक रूप से 3 प्रतिशत का बदलाव देखने को मिला। पहले जहां नीरस जीवन बीताने वाली लड़कियों की हिस्सा 11 प्रतिशत था, वो अब बढ़कर 14 प्रतिशत हो गया है।

लड़कों का दबाव झेलती हैं लड़कियां
सर्वे में भाग लेने वाली एक टीनेज लड़की के अनुसार, ‘आज की नौजवान पीढ़ी को परिवार और वरिष्ठज परिजनों का अतिरिक्त दबाव झेलना होता है। आपके दोस्त और परिवार के लोग हर उस घड़ी, मौके पर आपसे सबसे बेहतर प्रदर्शन ही चाहते है।’

सोशल मीडिया कितना जिम्मेदार ?
इस चौंकाने वाली रिपोर्ट के पीछे विशेषज्ञ सोशल मीडिया को भी जिम्मेदार ठहराने से नहीं चूक रहे। विशेषज्ञों के अनुसार-

टीनेजर्स की ऐसी सोच की असल वजह सोशल नेटवर्किंग साइट्स हैं। सोशल मीडिया ने ही नौजवान लड़कियों के रहन-सहन और पहनावे पर असर डाला है। लाइक्स और शेयर के फेर में नौजवान जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। लड़कियां अब पर्सनैलिटि ग्रूमिंग और अपने दिखावट में ज्यादा ध्यान दे रही हैं। नतीजतन टीनेजर्स में बेहतर दिखने की होड़ लगी हुई पढ़ेंः

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